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शानदार प्रदर्शन के बावजूद भुवनेश्वर कुमार को नहीं मिल रही टीम इंडिया में जगह, चयनकर्ताओं को लेकर दिया यह बयान

आरसीबी पॉडकास्ट में बात करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, “मैं सुकून में हूं और इसका श्रेय अपने परिवार को जाता है। घर पर हम कभी क्रिकेट के बारे में बात नहीं करते। हम कभी इस बारे में बात नहीं करते कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। इसने एक बड़ी भूमिका निभाई और मुझे कोई पछतावा नहीं है। जब आप टीम के मुख्य खिलाड़ी होते हो तो सब कहते हैं कि टीम सबसे पहले। लेकिन जब टीम से बाहर हो जाते हो तो स्वाभाविक रूप से लगता है कि शायद मुझे अभी भी वहां होना चाहिए था।”
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Aug 02, 2026
RCB vs CSK
विराट कोहली और भुवनेश्‍वर कुमार। (फोटो सोर्स: IANS)

Bhuvneshwar Kumar, Indian cricket team: तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बावजूद चयनकर्ता उनके नाम पर विचार भी नहीं कर रहे हैं। इसी बीच भुवनेश्वर ने साफ कर दिया है कि वह इस बात से पूरी तरह सुलह कर चुके हैं कि उन्हें अब भारतीय टीम में जगह नहीं मिलेगी।

मैं अपने चयन के बारे में नहीं सोचता

भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि इस सच्चाई को अपनाने में उनके परिवार ने उनकी मदद की है। उन्होंने कहा, "घर पर खेल के बारे में कोई चर्चा न होने से उन्हें कोई पछतावा नहीं है।" आरसीबी पॉडकास्ट में बात करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, “मैं सुकून में हूं और इसका श्रेय अपने परिवार को जाता है। घर पर हम कभी क्रिकेट के बारे में बात नहीं करते। हम कभी इस बारे में बात नहीं करते कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। इसने एक बड़ी भूमिका निभाई और मुझे कोई पछतावा नहीं है। जब आप टीम के मुख्य खिलाड़ी होते हो तो सब कहते हैं कि टीम सबसे पहले। लेकिन जब टीम से बाहर हो जाते हो तो स्वाभाविक रूप से लगता है कि शायद मुझे अभी भी वहां होना चाहिए था।”

समय के साथ बदलाव होता है

उन्होंने आगे कहा, “मैं समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा हैं। मैं समझता हूं कि पीढ़ियां बदलती रहती हैं। ऐसा अनुभव करने वाला मैं पहला खिलाड़ी नहीं हूं और निश्चित रूप से आखिरी भी नहीं होऊंगा। यह खेल का ही एक हिस्सा है। परिवार इसमें अहम भूमिका निभाता है। मैं जहां हूं, वहां कुछ हूं।" भुवनेश्वर ने कहा कि अब उनके करियर का मकसद दोबारा नेशनल टीम में जगह बनाना नहीं है।

उन्होंने कहा, "मैं पहले ही भारत के लिए खेल चुका हूं। अब मुझे यह हासिल करने की ज़रूरत नहीं है। अगर मुझे दोबारा मौका मिलता है, तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन मैं यह अनुभव कर चुका हूं। अब मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, वह खेल के प्रति मेरे प्यार की वजह से है। मुझे पता है कि मुझे अनुशासित रहना होगा। मैं घरेलू क्रिकेट खेलता हूं, यूपी टी20 लीग खेलता हूं। इतना क्रिकेट खेलता हूं कि टच में रहूं, और साथ ही खुद को रिकवर करने और तरोताजा रहने के लिए पर्याप्त ब्रेक भी दूं।"

जो आपके कंट्रोल में है उस पर कंट्रोल रखें

सीमर ने कहा कि वह सिर्फ़ खेल के प्रति अपने प्यार के कारण खेल रहे हैं और अनुभव के साथ, उन्हें क्रिकेट की कुछ ऐसी बातें सच में समझ में आने लगी हैं जो अक्सर कही जाती हैं।

उन्होंने कहा, "मैं अभी भी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट खेल रहा हूं क्योंकि मुझे खेल से प्यार है। जब आप युवा होते हैं और भारत के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको खेल से प्यार है। लेकिन अब मुझे असल में 'जो आपके कंट्रोल में है उस पर कंट्रोल रखें', 'ज़्यादा न सोचें' और 'खेल के जुनून के लिए खेलें' जैसी बातें समझ में आती हैं। मैं सच में उन बातों को महसूस कर सकता हूं।"

भुवनेश्वर उस दौर का हिस्सा रहे जब भारतीय टीम में स्पिन से हटकर तेज गेंदबाजी पर जोर दिया गया। उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ी के टैलेंट को पहचानने में आईपीएल की भूमिका और भारतीय क्रिकेट के लिए विराट कोहली और रवि शास्त्री की दूरदर्शी सोच की तारीफ़ की। भुवनेश्वर ने कहा,

"आईपीएल को इसका काफ़ी श्रेय जाता है क्योंकि इसने कई प्रतिभाशाली तेज़ गेंदबाज़ों को हाई-लेवल क्रिकेट खेलने का मौका दिया। आप उन्हें टीम में लाते हैं और समय के साथ वे परिपक्व होते जाते हैं। आम तौर पर, भारतीय पिचें स्पिन के लिए मददगार होती थीं, जबकि विदेशों में हालात तेज़ गेंदबाज़ी के अनुकूल होते थे। लेकिन उस दौर में, विराट कोहली और रवि शास्त्री को इसका काफ़ी श्रेय जाता है। उनकी सोच बिल्कुल साफ़ थी।”

प्रवीण कुमार के असर के बारे में भी बात की

उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि हमारे कुछ अहम विदेशी दौरे होने वाले थे। उन दौरों से पहले, हमारे घरेलू टेस्ट मैच भी ऐसी पिचों पर खेले गए जो तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मददगार थीं, ताकि हमारी तैयारी हो सके। इससे उनकी सोच का पता चलता है, वे एक तेज़ गेंदबाज़ी अटैक तैयार करना चाहते थे। इस तरह के छोटे-छोटे फ़ैसले बहुत मायने रखते हैं।”

भुवनेश्वर ने अपने करियर पर भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ प्रवीण कुमार के असर के बारे में भी बात की और माना कि उन्हें प्रवीण को काम करते हुए देखकर बहुत कुछ सीखने को मिला। तेज गेंदबाज ने कहा,"हम एक ही अकादमी से आए हैं। जब मैं पहली बार वहां गया, तो वह पहले से ही स्टेट क्रिकेट खेल रहे थे। जब तक मैं स्टेट लेवल पर पहुंचा, तब तक वह भारत के लिए खेल रहे थे। हमारी बॉलिंग स्टाइल भी काफ़ी हद तक एक जैसी थी। जब मैं छोटा था, तो उनसे सवाल पूछने में बहुत झिझकता था।"

भुवनेश्वर ने कहा, "इसके बजाय, मैं बस उन्हें देखता रहता था। सिर्फ़ उन्हें ही नहीं, बल्कि अपने कोच और सीनियर खिलाड़ियों को भी। पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि मैं कितना किस्मत वाला था। उन सालों में मुझे जो गाइडेंस मिली, उसी से मेरी बॉलिंग की मज़बूत नींव बनी, जिस पर मैं आज भी भरोसा करता हूं।" आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर 16 मैचों में 28 विकेट लेकर दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनकी इकोनॉमी 7.95 रही।

Updated on:
02 Aug 2026 01:01 pm
Published on:
02 Aug 2026 01:00 pm
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