
Commonwealth Games 2026: भारतीय बाधा दौड़ खिलाड़ी तेजस अशोक शिर्से ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। शिर्से ने 'हीट-1' में संयमित और प्रभावशाली दौड़ लगाई तथा शीर्ष तीन में रहकर स्वतः फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। इससे भारत की ट्रैक एंड फील्ड में एक और पदक की उम्मीद मजबूत हो गई है।
24 वर्षीय शिर्से ने धीमी शुरुआत के बाद अच्छी वापसी की और अपनी हीट में 13.76 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। जमैका के जेरोम कैंपबेल ने 13.33 सेकंड में रेस जीती, जबकि इंग्लैंड के सैमुअल बेनेट 13.20 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे। अब वह मंगलवार (28 जुलाई) को सुबह 2:15 बजे (भारतीय समयानुसार) होने वाली मेडल रेस की तैयारी कर रहे हैं।
क्वालिफिकेशन फॉर्मेट में दो हीट थीं, जिनमें से हर रेस के शीर्ष-3 धावक सीधे फाइनल में पहुंचे, साथ ही कुल मिलाकर अगले दो सबसे तेज एथलीट भी फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। टॉप-3 में जगह बनाकर, शिर्से ने फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। हालांकि, यह उनके पर्सनल बेस्ट (13.27 सेकंड) से कम था। अब शिर्से फाइनल में अपने सीजन की सबसे तेज रेस दौड़ने की कोशिश करेंगे और कॉमनवेल्थ गेम्स में पोडियम पर जगह बनाकर अपने शानदार प्रदर्शन को यादगार बनाना चाहेंगे।
इससे पहले, लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने अपनी पहली ही छलांग में 8.01 मीटर की दूरी तय करके ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड को पूरा करते हुए पुरुषों की लॉन्ग जंप के फाइनल में जगह बनाई। बर्मिंघम 2022 के सिल्वर मेडलिस्ट को फाइनल में जगह पक्की करने के लिए सिर्फ एक प्रयास की जरूरत पड़ी।
हालांकि, पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में निराशा हाथ लगी, जहां नेशनल रिकॉर्ड होल्डर गुरिंदरवीर सिंह हीट से आगे नहीं बढ़ सके। गेम्स में भारत के लिए मेडल की बड़ी उम्मीदों में से एक, गुरिंदरवीर ने अपनी हीट में 10.39 सेकंड का समय लेकर दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे और सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके, क्योंकि सिर्फ टॉप-17 एथलीट्स ही आगे बढ़ सके।