Kapil Dev ने कहा कि हमारे पास इतने धार्मिक संगठन हैं। भक्त इतना चढ़ावा चढ़ाते हैं। वह पैसा जाता कहां है। ऐसे मंदिर-मस्जिद को मदद के लिए आगे आना चाहिए।
नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) से प्रभावितों की आर्थिक मदद के लिए पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने भारत-पाकिस्तान के बीच मैच की लगातार वकालत कर रहे हैं। लेकिन भारत को पहली बार विश्व कप दिलाने वाले टीम इंडिया के कप्तान रह चुके कपिल देव (Kapil Dev) पाकिस्तान के तेज गेंदबाज के इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं। कपिल देव का कहना है कि अगर पाकिस्तान भारत-पाक मैच चाहता है तो उसे सीमा पर आतंकवाद रोकना होगा। इसके अलावा उन्होंने देश के धार्मिक संगठनों से अपील की कि विपदा की इस घड़ी में मदद के लिए वह आगे आएं।
पाक बंद करे आतंकवाद
कपिल देव ने एक मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच मैच जरूरी नहीं है। इससे ज्यादा जरूरी है कि बच्चे स्कूल जाएं। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को पैसे की कमी है तो उसे सीमा पर चल रहे आतंकवाद को बंद करवाना चाहिए। इसके बदले उसे इन पैसों से स्कूल बनावाए, अस्पताल बनवाए। कपिल देव ने कहा कि खेल तो बहुत बाद की चीज है। उन्हें तो उन बच्चों पर तरस आ रहा है, जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसलिए पहले स्कूल-कॉलेज खुलने चाहिए, उसके बाद खेल शुरू होता रहेगा।
धार्मिक संगठनों से की अपील
इस बातचीत में कपिल देव ने धार्मिक संगठन मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि से सभी से अपील की कि वह इस विपदा में आर्थिक मदद के लिए आगे आएं। कपिल ने कहा कि हमारे पास इतने धार्मिक संगठन हैं, जिनके पास बहुत पैसा है। भक्त इतना चढ़ावा चढ़ाते हैं। वह पैसा जाता कहां है। उन्हें लगता है कि इस मुश्किल घड़ी में धार्मिक संगठनों को मदद के लिए आगे आना चाहिए।
लॉकडाउन की शुरुआत में आई दिक्कत, अब ठीक है
कपिल देव ने बताया कि वह लॉकडाउन के इन 30 दिनों सिर्फ एक बार घर से बाहर निकले हैं। उनका डॉगी बीमार हो गया था और उसे अस्पताल ले जाना था। इसके अलावा उन्होंने इस मौके पर लोगों से यह भी अपील की कि हमें सरकार की बनाई नीति का पालन करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अपनी दिनचर्या भी बताई। कपिल देव ने कहा कि लॉकडाउन के शुरुआत में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन अब अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गोल्फ के लिए नेट बनाया है, वहां 100 गेंदें हिट करते हैं। इसके अलावा बागीचे का ध्यान रखते हैं। साथ में वर्कआउट जारी है।