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युवराज सिंह ने दो नहीं, चार बार भारत को दिलाया है विश्व कप, हर बार बने मैन ऑफ द सीरीज

युवराज सिंह ने दो बार भारतीय सीनियर टीम के साथ जीता है विश्व कप एक-एक बार विश्व विजयी अंडर-19 टीम और अंडर-15 टीम के रहे हैं सदस्य इन चारों विश्व कप में मैन ऑफ द सीरीज का खिताब युवराज ने ही जीता है

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Cricketer Yuvraj Singh
युवराज सिंह ने दो नहीं, चार बार भारत को दिलाया है विश्व कप, हर बार बने मैन ऑफ द सीरीज

मुम्बई : सीमित ओवरों के क्रिकेट में गेंदबाजों की नींद उड़ाने वाले और अपनी शानदार क्षेत्ररक्षण की वजह से भारतीय टीम को कई मैच जिताने वाले युवराज सिंह ने आज संन्यास की घोषणा कर दी। इतना नहीं वह अपनी स्पिन गेंदबाजी से भी कई बार विपक्षी बल्लेबाजों पर भारी पड़ते थे। इस खिलाड़ी को फटाफट क्रिकेट में काफी सम्मान के साथ देखा जाता है। 2007 टी-20 विश्व कप में क्रिस ब्रॉड की छह गेंद पर लगातार छह छक्के और नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में खेली गई मैच जिताऊ पारी की तो खूब चर्चा होती है, लेकिन बहुत कम ही लोगों को मालूम होगा कि इस खिलाड़ी की झोली में चार-चार विश्व कप का खिताब है।

चारों विश्व कप में रहे मैन ऑफ द सीरीज

2011 का एकदिवसीय विश्व कप

2011 में भारत ने दूसरी बार आईसीसी वनडे विश्व कप जीता था। इस टीम की कमान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी। इस विश्व कप में युवराज ने कमाल ही कर दिया था। उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतक की मदद से 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी लिए थे और टूर्नामेंट में चार बार मैन ऑफ द मैच बने थे। इसके अलावा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे।

2007 टी-20 विश्व कप

युवराज उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने भारतीय सीनीयर टीम के साथ दो विश्व कप जीते हैं। 2007 में वह टी-20 विश्व विजयी भारतीय टीम के सदस्य थे। यह पहला टी-20 विश्व कप था और भारतीय टीम की कमान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में थी। इस मैच में उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर की छह गेंद पर छह छक्के लगाया कर इतिहास रच दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने महज 12 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था, जो अब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मील का पत्थर बना हुआ है। इस विश्व कप में भी युवराज सिंह को मैन ऑफ द सीरीज का खिताब मिला था।

2000 अंडर-19 विश्व कप

इसके अलावा 2000 में श्रीलंका में हुए तीसरे अंडर-19 विश्व कप टीम के भी अहम सदस्य युवराज सिंह थे। इस टूर्नामेंट के फाइनल में भारत और श्रीलंका की टीम पहुंची थी और भारत ने मोहम्मद कैफ के नेतृत्व में श्रीलंका को हराकर पहली बार अंडर-19 विश्व मैच जीता था। इस टूर्नामेंट में भी युवराज सिंह मैच ऑफ द सीरीज रहे थे।

2000 अंडर-15 विश्व कप

इतना ही नहीं युवराज सिंह के खाते में एक और विश्व कप है। 1996 में लोम्बार्ड में खेले गए विश्व कप अंडर-15 में भारत की टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर इस खिताब पर कब्जा जमाया था। इस टीम के कप्तान आलराउंडर रितेंदर सिंह सोढ़ी थे। इस टूर्नामेंट में भी युवराज सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया था और मैन ऑफ द सीरीज के खिताब पर कब्जा जमाया था।

युवराज का अंतरराष्ट्रीय करियर

चंडीगढ़ में साल 1981 में जन्में युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले। टेस्ट में उन्होंने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन बनाए और नौ विकेट लिए, जबकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 बनाने के अलावा 111 विकेट भी लिए हैं। वहीं टी-20 मैचों में 1177 रन बनाने के साथ 28 विकेट लिए हैं।

Published on:
10 Jun 2019 04:57 pm
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