-हाईकोर्ट से क्रिकेटर युवराज सिंह को मिली बड़ी राहत-दलितों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में युवराज के खिलाफ दर्ज हुई थी एफआईआर।-गिरफ्तारी से बचने के लिए युवराज सिंह ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका।
नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को दलितों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, दलितों पर टिप्पणी के मामले में युवराज के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। अब इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए युवराज ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई गुरुवार को हुई और पूर्व क्रिकेटर को इसमें राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए फिलहाल युवराज सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि हरियाणा पुलिस ने भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी करने के आठ महीने पुराने मामले में पूर्व आलराउंडर युवराज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज (FIR against Yuvraj Singh) किया है। हिसार में दलित अधिकार कार्यकर्ता और एडवोकेट रजत कलसन द्वारा ने पिछले साल जून में जातिवादी टिप्पणी करने के मामले में युवराज (Yuvraj Singh) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
युजवेन्द्र चहल को लेकर की थी जातिसूचक टिप्पणी
युवराज ने पिछले साल जून में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के साथ इंस्टाग्राम पर बात की थी। इस दौरान दोनों के बीच युजवेंद्र चहल को लेकर बात हो रही थी तभी युवराज ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया था। कार्यकर्ता ने युवराज पर जातिवादी टिप्पणी करने और दलित समुदाय को अपमानित तथा बदनाम करने का आरोप लगाया था।
एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने युवराज के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा, मैं आपसे अनु़रोध करता हूं कि आप इस मामले में युवराज सिंह को गिरफ्तार करें।
युवी ने मांगी थी माफी
पूर्व हरफनमौला क्रिकेटर ने हालांकि बाद में विवाद बढ़ता देख यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि वह रंग, जाति या Zender के आधार पर किसी तरह के भेदभाव में यकीन नहीं करते हैं। युवराज ने ट्विटर पर कहा था, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मैं रंग, जाति या Zender के आधार पर किसी तरह के भेदभाव में यकीन नहीं करता हूं। मैंने लोगों की भलाई में अपनी जिंदगी जी है और आगे भी ऐसा ही जीना चाहता हूं।
मैं हर व्यक्ति का सम्मान करता हूं
उन्होंने कहा था, मैं हर व्यक्ति का सम्मान करता हूं। मैं समझता हूं कि मैं अपने दोस्तों से बात कर रहा था और उस समय मेरी बात को गलत तरीके से लिया गया, जो अनुचित था। फिर भी, एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते मैं कहना चाहता हूं कि अनजाने में अगर मेरी बातों से किसी को दुख पहुंचा है तो मैं पर खेद व्यक्त करता हूं। देश और देश के लोगों से मेरा प्यार हमेशा रहेगा।