टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दीप दासगुप्ता ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में चेतेश्वर पुजारा की जगह हनुमा विहारी को मौका दिया जा सकता है।
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) को लगता है कि भारत टेस्ट टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) अब वैसे खिलाड़ी नहीं रह गए हैं, जैसे कि वह पांच-छह साल पहले थे और वानखेड़े स्टेडियम में ताबड़तोड़ शतक बनाते थे। रहाणे ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ा। उस मैच में उनके 49 और 15 रन भारत को आठ विकेट की हार से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं थे।
क्या रहाणे की जगह हुनमा विहारी को मिलेगा मौका?
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला हारने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोई विराट कोहली को कप्तानी से हटाने की मांग कर रहा है तो कोई रहाणे के प्रदर्शन पर बात कर रहा है। भारत और इंग्लैंड के अगस्त-सितंबर में 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। इससे पहले इस बात की बहस चल रही है कि क्या नंबर—3 पर चेतेश्वर पुजारा की जगह हनुमा विहारी को इस सीरीज में मौका दिया जा सकता है?
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'रहाणे का प्रदर्शन अब वैसा नहीं रहा'
दासगुप्ता ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि रहाणे वही खिलाड़ी है जो वह 2015-16 में थे। उस समय के रहाणे अविश्वसनीय थे। वह एक ऐसा खिलाड़ी थे जिन्हें मैंने मुंबई के लिए खेलते हुए देखा था। पहली सुबह वानखेड़े की पिच नम थी, पिच में घास थी और उन दिनों वहां बल्लेबाजी करना एक बुरा सपना था। लेकिन रहाणे ने भारत के लिए खेलने से पहले 4000-4500 से अधिक रन बनाए, मुख्य रूप से नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए। यह शानदार कारनामा था।'