IPL 2026: IPL 2026 के आगाज से पहले दिल्ली कैपिटल्स के लिए बुरी खबर! वर्कलोड के चलते मिचेल स्टार्क शुरुआती मैचों से बाहर हो गए हैं। जानें स्टार्क के साथ-साथ पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के न होने से उनकी टीमों पर क्या असर पड़ेगा और दिल्ली के पास अब क्या विकल्प बचे हैं।
IPL 2026, Delhi Capitals: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 शुरू होने से पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) को एक बड़ा झटका लगा है। ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क 19वें सीजन के शुरुआती कुछ मैचों से बाहर हो गए हैं। इस सीजन ऐसा करने वाले स्टार्क पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नहीं हैं। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के कप्तान पैट कमिंस और जोश हेजलवुड भी शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे, लेकिन दिल्ली के लिए स्टार्क का न होना ज्यादा बड़ा झटका है क्योंकि वह टीम के मुख्य तेज गेंदबाज थे।
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दिल्ली कैपिटल्स को उम्मीद थी कि स्टार्क शुरुआत से ही उनकी गेंदबाजी की कमान संभालेंगे। वह दुनिया के उन चुनिंदा गेंदबाजों में से हैं जो नई गेंद से विकेट चटका सकते हैं और आखिरी के ओवरों (डेथ ओवर्स) में भी दबाव झेलने का अनुभव रखते हैं। दिल्ली चाहती थी कि स्टार्क आते ही टीम की लय सेट कर दें, लेकिन अब उन्हें इसके बिना ही शुरुआत करनी होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि 36 साल के स्टार्क पर पिछले एक साल में काम का बोझ (workload) बहुत ज्यादा रहा है। उन्होंने सभी पांच एसेज टेस्ट खेले। बिग बैश लीग के आखिरी मैचों में हिस्सा लिया। पिछले 12 महीनों में उन्होंने मोहम्मद सिराज के बाद सबसे ज्यादा गेंदें फेंकी हैं। इसी थकान और वर्कलोड को देखते हुए उन्हें आराम दिया गया है। वह अगले हफ्ते शुरू हो रहे टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे और उनकी वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले हफ्तों में उनकी रिकवरी कैसी रहती है।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के स्टार तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड भी अपने स्टार ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के बिना ही टूर्नामेंट की शुरुआत करेंगे। हालांकि, दिल्ली के लिए चिंता इसलिए ज्यादा है क्योंकि उन्होंने स्टार्क को पिछले साल की मेगा नीलामी में 11.75 करोड़ रुपये में खरीदा था।
पिछले सीजन में स्टार्क ने 11 मैचों में 14 विकेट लिए थे और उनकी इकोनॉमी 10 से ऊपर थी। लेकिन स्टार्क को सिर्फ आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। उनकी मैदान पर मौजूदगी ही विपक्षी टीम को डराने के लिए काफी होती है। दिल्ली कैपिटल्स अब यही उम्मीद करेगी कि स्टार्क की गैरमौजूदगी में भी टीम अच्छी शुरुआत करे, ताकि जब वह वापस आएं तो टीम को प्लेऑफ की ओर मजबूती से ले जा सकें।