Devdutt Padikkal on Vaibhav Sooryavanshi: आरसीबी के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए उन्हें एक रेयर टैलेंट बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी बैटिंग स्टाइल की नकल करने की कोशिश करना बेवकूफी होगी।
Devdutt Padikkal on Vaibhav Sooryavanshi: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने टीनएज सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए उन्हें एक अनोखा टैलेंट बताया है। उन्होंने माना है कि उनकी वैभव की बैटिंग स्टाइल की नकल करने की कोशिश करना 'बेवकूफी' होगी। आईपीएल में वैभव और देवदत्त दोनों ही टूर्नामेंट के सबसे खतरनाक बाएं हाथ के बल्लेबाज बनकर उभरे हैं, जिन्होंने अपने बेखौफ स्ट्रोकप्ले और धमाकेदार स्कोरिंग से फैंस का दिल जीता है।
19 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एक अहम मुकाबले के दौरान 15 साल के सूर्यवंशी ने सिर्फ 38 गेंदों पर 93 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी ने उन्हें वर्ल्ड क्रिकेट इतिहास में एक टी20 टूर्नामेंट सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले सबसे कम उम्र के बैट्समैन बनने में मदद की। इस दौरान सूर्यवंशी ने पडिक्कल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2019-20 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी सीजन में 19 साल की उम्र में 580 रन बनाए थे।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों लेफ्ट-हैंडर ने इस सीज़न में अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के लिए अहम टैक्टिकल रोल निभाए हैं, जिन्हें अक्सर बैटिंग की गहराई बढ़ाने और अहम मौकों पर स्कोरिंग में तेजी लाने के लिए इम्पैक्ट प्लेयर्स के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
जियोहॉटस्टार पर बात करते हुए कहा पडिक्कल ने इतनी कम उम्र में इस युवा खिलाड़ी की जबरदस्त पावर-हिटिंग काबिलियत और मैच्योरिटी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जो करते हैं वह सच में यूनिक है। इस उम्र में उनकी बैटिंग में इतनी पावर और एक्सप्लोसिवनेस होना खास है। सच कहूं तो किसी के लिए भी उन्हें कॉपी करने की कोशिश करना बेवकूफी होगी।
उन्होंने कहा कि वह एक रेयर टैलेंट है और वह जो करता है वह कमाल का है। मेरे लिए, मैं अपनी ताकत पर फोकस करता हूं और खुद से बेस्ट निकलवाने की कोशिश करता हूं। मैं खुद को दूसरों से कम्पेयर नहीं करता, क्योंकि इस टूर्नामेंट में बहुत सारे टैलेंटेड खिलाड़ी हैं। मैं इसे सिंपल रखता हूं और जितना हो सके अपने गेम को बेहतर बनाने पर काम करता हूं।
यहां बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के लीग चरण की 13 पारियों में 579 रन बना चुके हैं। जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 12 पारियों में 412 रन बनाए हैं।