Dhruv Jurel opens on his preparations: विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने बल्ले से काफी धमाल मचाया है। जुरेल ने पहले तीन मैचों की तीन पारियों में 153.50 के औसत और 140.18 स्ट्राइक रेट से 307 रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए अपना दावा पेश किया है।
Dhruv Jurel opens on his preparations: न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय वनडे टीम की घोषणा जनवरी के पहले हफ्ते में होनी है। माना जा रहा है कि टीम का चयन विजय हजारे ट्रॉफी में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपने बल्ले से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। वह लगातार शानदार प्रदर्शन कर सेलेक्टर्स पर दबाव बना रहे हैं। जहां बैकअप विकेटकीपर को लेकर बहस काफी हद तक ऋषभ पंत के बाहर होने और ईशान किशन की वापसी को लेकर है। वहीं, उत्तर प्रदेश के 23 साल के इस खिलाड़ी ने चुपचाप और अब बहुत जोर से अपना दावा पेश किया है।
राजकोट में बड़ौदा के खिलाफ जुरेल की 101 गेंदों पर नाबाद 160 रनों की पारी सिर्फ उनका पहला लिस्ट ए शतक नहीं था, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे पर उनकी दस्तक थी। वह भी ऐसे समय में जब अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमेटी अहम मीटिंग्स की तैयारी कर रही है, यह पारी ऐसी है, जिसे सेलेक्टर्स नजरअंदाज नहीं कर सकते। विजय हजारे ट्रॉफी के तीन मैचों में जुरेल ने 153.50 के शानदार औसत से 307 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक और वह शानदार शतक शामिल है, जिससे वह टूर्नामेंट के रन चार्ट (31 दिसंबर से पहले के आंकड़े) में दूसरे स्थान पर हैं।
इससे भारत की व्हाइट-बॉल प्लानिंग में उनकी बढ़ती अहमियत भी पता चलती है। जुरेल इस साल पहले ही वनडे सेटअप का हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि उन्हें अभी तक कैप नहीं मिली है और घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतरता को अब नजरअंदाज करना मुश्किल है। अपने आस-पास बन रहे माहौल के बावजूद जुरेल की सोच शानदार है। टीओआई से बातचीत में उन्होंने पर्दे के पीछे की उस मेहनत के बारे में बताया, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
जुरेल ने कहा कि मैं अपने लिए बहुत ज्यादा लक्ष्य तय नहीं करता। मैं प्रोसेस पर फोकस करता हूं। विजय हजारे ट्रॉफी से पहले भी, जब मुझे कुछ समय मिला, तो मैं 4-5 घंटे बैटिंग करता और अपने दिमाग में ऐसे हालात बनाता कि मैं क्या कर सकता हूं। नतीजा और सेलेक्शन कुछ भी हो, कोई भी मेरी मेहनत मुझसे छीन नहीं सकता। इसीलिए मैं कड़ी मेहनत करता हूं। इसी मेहनत ने मुझे यहां तक पहुंचाया है और आगे भी ले जाएगी।
अब वह गेम की समझ और कंट्रोल में दिखते हैं। पंत अभी भी वनडे सेटअप में वापस आने की कोशिश कर रहे हैं और किशन घरेलू क्रिकेट में अपनी वापसी का आनंद ले रहे हैं। ऐसे में बैकअप विकेटकीपर की जगह अभी भी खुली हुई है। ध्रुव जुरेल विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बड़ौदा के खिलाफ 101 गेंदों पर 160 रन, चंडीगढ़ के खिलाफ 57 गेंदों पर 67 रन और हैदराबाद के खिलाफ 61 गेंदों पर 80 रन की पारी खेली थी।