Dilip Vengsarkar on Sarfaraz Khan: सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर उन्हें बार-बार नजरअंदाज कर रहे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने इसे शर्मनाक बताते हुए जमकर भड़ास निकाली है।
Dilip Vengsarkar on Sarfaraz Khan: सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे और उन्हें जब भी भारत के लिए खेलने का मौका मिला सम्मानजनक योगदान दिया। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर सरफराज को बार-बार नजरअंदाज करते आ रहे हैं। इसे लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने सेलेक्टर्स की जमकर आलोचना की है। वेंगसरकर ने भारत के लिए सरफराज को नजरअंदाज किए जाने पर हैरानी जताते हुए उनके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन पर भी जोर दिया, जिसमें इंग्लैंड के खिलाफ अपनी डेब्यू सीरीज में देवदत्त पडिक्कल के साथ टेस्ट जीत में एक अहम साझेदारी निभाई थी।
सरफराज को घरेलू क्रिकेट के हर सीजन में दमदार प्रदर्शन करने के बाद आखिरकार 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहला टेस्ट कॉल-अप मिला। हालांकि, 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
सरफराज ने भारत के लिए अब तक सिर्फ छह टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने 37.10 की औसत से 371 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक आए। मुंबई के इस बल्लेबाज फिर भी हार नहीं मानी और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की। शेप में आने के लिए काफी वेट भी घटाया। फिर भी वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
वेंगसरकर ने टीओआई से बातचीत में कहा कि मेरे लिए यह सच में हैरान करने वाली बात है कि सरफराज खान को भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में क्यों नहीं चुना जा रहा है? जबकि उन्होंने लगातार इतना अच्छा प्रदर्शन किया है। यहां तक कि भारत के लिए भी जब उन्हें मौका मिला। मैंने उन्हें और देवदत्त पडिक्कल को धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ एक साथ बल्लेबाजी करते देखा। वह एक अहम सेशन था। उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और एक महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने आखिरकार भारत को टेस्ट मैच जीतने में मदद की।
उन्होंने कहा आगे कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद उन्हें दूसरा टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उन्हें बिल्कुल भी मौका नहीं दिया गया। यह बात मुझे सच में हैरान करती है, क्योंकि वह खेल के सभी फॉर्मेट में खेलने के लिए काफी अच्छे खिलाड़ी हैं। ऐसे टैलेंट को नजरअंदाज किया गया है। यह बहुत शर्म की बात है।
बता दें कि मुंबई के इस स्टार बल्लेबाज ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार शुरुआत की है। उन्होंने सिर्फ तीन पारियों में 220 रन बनाए हैं, जिसमें गोवा के खिलाफ 75 गेंदों पर 157 रनों की शानदार पारी भी शामिल है।