
Nasser Hussain on Eng W vs Aus W Final: आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। जहां रविवार 5 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। जहां ऑस्ट्रेलिया की टीम अपना 7वां खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी, तो वहीं इंग्लैंड की महिला टीम 2009 के बाद अपना दूसरा खिताब जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने इंग्लिश टीम को कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर इंग्लैंड को टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में अपने विरोधियों का दबदबा खत्म करना है, तो ऑस्ट्रेलिया से हाल की हारों को भुलाकर एक नई सोच अपनानी होगी।
हुसैन ने स्काई स्पोर्ट्स पर कहा कि इंग्लैंड विमेंस टीम पहली अहम बात खुद के साथ माइंड गेम्स हैं। क्या उन्हें सच में लगता है कि वे ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम को हरा सकते हैं? अगर वह ऐसा सोचते हैं तो यह पहली रुकावट पार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई मेंटल बोझ नहीं, कोई दाग नहीं, यह सोचना चाहिए। हम एक नया इंग्लैंड हैं, एक नए कोच (शार्लेट एडवर्ड्स) के अंडर हम ऑस्ट्रेलिया पर हमला कर रहे हैं।
उन्होंने आगे ऑस्ट्रेलिया की जबरदस्त ताकत को स्वीकारते हुए एक संभावित कमजोरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईमानदारी से कहूं तो, मुझे उस ऑस्ट्रेलियाई टीम में ज्यादा कमजोरियां नहीं दिखतीं और उनकी सबसे बड़ी ताकत एक लंबी बैटिंग लाइन-अप है, जो लगातार हमले करती रहती है। बस एक ही बात है कि शायद वे कभी-कभी सोच सकते हैं कि मैं इसे अगले बल्लेबाज पर छोड़ सकती हूं, फिर अगली बल्लेबाज पर और फिर अचानक वे खुद को मुश्किल में पाते हैं।
हुसैन ने ऑस्ट्रेलिया के जबरदस्त रिकॉर्ड के बावजूद जोर देकर कहा कि खचाखच भरे लॉर्ड्स में एक बार फिर फाइनल में इंग्लैंड के पास मौका है। लॉर्ड्स में जब उनके पीछे भारी घरेलू भीड़ हो, क्या इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया को हरा सकता है? बिल्कुल वे हरा सकते हैं। लेकिन, ऑस्ट्रेलिया फेवरेट है। बता दें कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ इंग्लैंड का सेमीफाइनल मैच कुछ देर के लिए पटरी से उतरने का खतरा बन गया था, जब चार ओवर के अंदर उनका स्कोर 23-3 हो गया था। लेकिन, कप्तान नैट साइवर-ब्रंट इंग्लैंड को 169/5 तक पहुंचाया। इसके बाद इंग्लैंड ने बॉल और फील्डिंग में शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 129/8 पर रोक दिया।
उन्होंने अंत में कहा कि फील्डिंग के मामले में यह हमेशा से ही बड़ा टेस्ट होने वाला था। ग्रुप स्टेज मैच में अच्छा खेलना एक बात है। आप सेमीफाइनल में गड़बड़ करते हैं, लेकिन फाइनल में नहीं चलेगा। सेमीफाइनल के दौरान फील्ड में बहुत एनर्जी थी, और मुझे लगता है कि इससे हेड कोच शार्लेट एडवर्ड्स सबसे ज्यादा खुश होंगी। उनकी फील्डिंग पहले भी प्रेशर में खराब रही है, लेकिन अब यहां प्रेशर में यह सच में सामने आई।