दिल्ली की लोकसभा सीट से भाजपा सांसद Gautam Gambhir ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट कर अपनी कर्मचारी सरस्वती पात्रा को श्रद्धांजलि भी दी है।
नई दिल्ली : टीम इंडिया (Team India) के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देश में लगे लॉकडाउन (Lockdown) के बीच इंसानियत की मिसाल पेश की है। इसकी तारीफ सभी लोग कर रहे हैं। विश्व विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रह चुके गंभीर के घर पर काम करने वाली उनकी सहायिका सरस्वती पात्रा की मौत हो गई तो उन्होंने उनका खुद उनका अंतिम संस्कार किया। बता दें कि लॉकडाउन (Lockdown) के कारण मृतक महिला के परिवार वाले मौके पर नहीं पहुंच सके। तब उस महिला की अंतिम संस्कार के लिए गौतम गंभीर खुद आगे आए और उन्होंने अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी निभाई।
छह सालों से काम कर रही थीं गंभीर के घर में
दिल्ली की लोकसभा सीट से भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने अपनी कर्मचारी सरस्वती पात्रा के लिए अपने ट्विटर अकाउंट पर एक श्रद्धांजलि भी पोस्ट की है। बता दें कि सरस्वती पिछले छह सालों से गंभीर के घर पर काम कर रही थीं। गौतम ने ट्वीट में लिखा कि सरस्वती उनके परिवार का हिस्सा थीं। इसलिए सरस्वती का अंतिम संस्कार करना उनका कर्तव्य था। गंभीर ने यह भी लिखा कि हमेशा जाति, पंथ, धर्म या सामाजिक प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना काम करना चाहिए। बेहतर समाज बनाने का यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने आगे लिखा कि यह उनके भारत का विचार है। ओम शांति!
हाई बीपी की थी शिकायत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरस्वती पात्रा की उम्र 49 साल थी। व ओडिशा के जाजपुर जिले की रहने वाली थीं। वह लंबे समय से डाइबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत से जूझ रही थीं। इस कारण उन्हें हाल ही में सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 अप्रैल को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
धर्मेंद्र प्रधान ने की सराहना
गौतम गंभीर की ओर से इंसानियत की मिसाल पेश करने पर उनकी सराहना भाजपा सरकार में केंद्रीय पेट्रोलियम और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी की। ओडिशा से ही संबंध रखने वाले प्रधान ने कहा कि सरस्वती की बीमारी के दौरान उनकी देखभाल करने और उनका अंतिम संस्कार कर गौतम गंभीर ने अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि गंभीर की यह पहल ऐसे लाखों गरीबों के लिए लोगों के मन में मानवता का विश्वास को बढ़ाएगा, जो आजीविका के लिए अपने घर से दूर रहकर काम कर रहे हैं। ऐसे लोग समाज के सभी क्षेत्रों से सम्मान प्राप्त करेंगे।