ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और स्पिन के जादूगर शेन वार्न नहीं रहे। शेन वार्न ने 1992 में भारत के खिलाफ सिडनी टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स का नेतृत्व किया और सबसे कमजोर मानी जा रही टीम को जीताकर खुदको साबित किया।
दुनिया के महान स्पिनरों में शुमार ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न का निधन हो गया है। शेन वार्न ने शुक्रवार को 52 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वॉर्न थाईलैंड के कोह सामुई में थे। मिली जानकारी के मुताबिक शेन वार्न की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है। शेन वार्न के निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। शेन वार्न ने भारत के खिलाफ 1992 में सिडनी टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। स्पिन के जादूगर के तौर पर खुद की पहचान बनाने वाले शेन वार्न को हमेशा ऑस्ट्रेलिया टीम का कप्तान ना बनाए जाने का मलाल रहा। हालांकि उन्होंने आईपीएल की पहले ही सीजन में सबसे कमजोर टीम मानी जा रही राजस्थान रॉयल्स को खिताब जिताकर खुदको साबित भी किया।
वॉर्न की मैनेजमेंट टीम की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, कोह सामुई के एक विला में शेन बेहोश पाए गए थे। बाद में उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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कलाई की जादूगरी से दिग्गजों को बनाया शिकार
वॉर्न ने कलाई की जादूगरी से अपने समय के लगभग सभी दिग्गजों को अपनी फिरकी के जाल में फंसाया। लेकिन सचिन तेंदुलकर एक ऐसे बल्लेबाज रहे, जो शेन वार्न के सपने में आते थे। सचिन ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जिस तरह धुनाई की थी, खुद शेन वार्न ने कहा था कि, इन दिनों में सचिन मेरे सपने में आते हैं और मुझे डराते हैं।
ऐसे बदली किस्मत
महान स्पिनर शेन वॉर्न ने 1993 के एशेज के दौरान मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड टेस्ट में इंग्लैंड के माइक गेटिंग को जिस गेंद पर बोल्ड किया था। उसे क्रिकेट इतिहास की सर्वश्रेष्ठ गेंद कही जाती है। उस गेंद ने वॉर्न की जिंदगी बदल कर रख दी थी।
वॉर्न ने लिए 708 विकेट
वॉर्न ने अपने 145 मैचों के टेस्ट करियर में 708 विकेट चटकाए, जो मुथैया मुरलीधरन (800 विकेट) के बाद टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक है।
2007 में हुए रिटायर
शेन वार्न ने अपना आखिरी टेस्ट मैच जनवरी, 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में ही खेला था। जिस वक्त वॉर्न रिटायर हुए उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के तीन अन्य खिलाड़ियों ने भी संन्यास लिया था।
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