गावस्कर ने कहा, "अगर सरकार ने कोई फैसला लिया है, तो मुझे नहीं समझ आता कि खिलाड़ियों की आलोचना या उन पर टिप्पणियां क्यों हो रही हैं। खिलाड़ियों का बीसीसीआई से करार है और वे भारत सरकार के निर्देशों का पालन करते हैं। सब कुछ उन पर निर्भर करता है।"
भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने एशिया कप 2025 में भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर हो रही आलोचना पर कड़ा ऐतराज जताया है। 'लिटल मास्टर' ने इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए कहा कि खिलाड़ी केवल बीसीसीआई और भारत सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं, इसलिए उनकी आलोचना करना गलत है।
गावस्कर ने कहा, "अगर सरकार ने कोई फैसला लिया है, तो मुझे नहीं समझ आता कि खिलाड़ियों की आलोचना या उन पर टिप्पणियां क्यों हो रही हैं। खिलाड़ियों का बीसीसीआई से करार है और वे भारत सरकार के निर्देशों का पालन करते हैं। सब कुछ उन पर निर्भर करता है।" उन्होंने आगे कहा, "खिलाड़ी इस मामले में असहाय हैं। उन्हें एशिया कप के लिए चुना गया है, और अगर सरकार कहती है कि खेलना है, तो वे जाएंगे और खेलेंगे। अगर सरकार मना करती है, तो बीसीसीआई उसी हिसाब से कदम उठाएगा।"
एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट 9 सितंबर 2025 से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में शुरू हो रहा है, जिसका फाइनल 28 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं।
भारत का पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ है, जबकि बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मुकाबला 14 सितंबर को होगा। गावस्कर के बयान ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्रिकेट जैसे खेल में राजनीतिक और प्रशासनिक फैसलों का कितना असर पड़ता है। फैंस अब टूर्नामेंट में भारतीय टीम के प्रदर्शन और खासकर भारत-पाकिस्तान मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।