
विराट कोहली। (फोटो सोर्स: IANS)
Sanjay Manjrekar on Virat Kohli: जो रूट ने जहां सिडनी में जारी आखिरी एशेज में अपना 41वां टेस्ट शतक पूरा किया है तो वहीं स्टीव स्मिथ ने अपना 37वां टेस्ट शतक जड़ा है। रूट और स्मिथ के उम्दा प्रदर्शन को देख पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने और वनडे खेलना जारी रखने के वाले विराट कोहली को लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि यह जानकर दुख होता है कि जब रूट-स्मिथ जैसे खिलाड़ी रन बना रहे हैं, वहीं भारत के सबसे महान रेड-बॉल कप्तान ने अपनी समस्या पर काम करने के बजाय किनारा कर लिया। यह फैसला सभी के लिए चौंकाने वाला था, खासकर इस फॉर्मेट के प्रति उनके प्यार को देखते हुए।
फैब फोर में से एक होने के बावजूद टेस्ट क्रिकेट के जीते-जागते प्रतीक कोहली ने 123 मैचों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाकर संन्यास ले लिया। सबसे दुख की बात यह है कि कोहली टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन भी पूरे नहीं कर पाए, जबकि यह उनके करियर की शुरुआत में सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक था। हालांकि, कोहली अभी भी वनडे में रनों का अंबार लगा रहे हैं, लेकिन मांजरेकर को टेस्ट की तुलना में वनडे क्रिकेट को प्राथमिकता देना पसंद नहीं।
मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कहा कि जैसे-जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, मेरा ध्यान विराट कोहली पर जाता है। उन्होंने टेस्ट से किनारा कर लिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संन्यास लेने से पहले जिन पांच सालों में उन्होंने संघर्ष किया, उन सालों में उन्होंने यह पता लगाने के लिए पूरी कोशिश नहीं की कि टेस्ट में पांच सालों तक उनका औसत 31 क्यों था? मुझे दुख होता है कि जो रूट, स्टीव स्मिथ, केन विलियमसन जैसे लोग टेस्ट क्रिकेट में सच में अपना नाम बना रहे हैं। कोहली बस टेस्ट क्रिकेट से दूर चले गए। लेकिन, उन्होंने आसान फॉर्मेट यानि वनडे क्रिकेट खेलने का फैसला किया।
2020 और 2025 के बीच टेस्ट में कोहली की मुश्किलें अब कोई राज नहीं थीं। कोविड-19 महामारी से पहले सभी फॉर्मेट में 50 का औसत रखने वाले कोहली का औसत काफी गिर गया, क्योंकि वह लगभग तीन साल बिना किसी सेंचुरी के रहे। लेकिन कोहली ने कभी अपनी कमज़ोरी, ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंदों पर काम नहीं किया, बार-बार उन पर आउट होते रहे, डाउन अंडर में अपनी पिछली सीरीज में सभी 9 बार आउट होना यही बात मांजरेकर को सबसे ज्यादा चुभती है।
कभी फैब फोर के लीडर रहे कोहली कभी अपनी जगह वापस नहीं पा सके, जबकि रूट, स्मिथ और विलियमसन रिकॉर्ड तोड़ पारियों और शतकों के साथ धमाल मचा रहे हैं। रूट ने अभी अपना 41वां टेस्ट शतक बनाया है और इतिहास में सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं। स्मिथ ने कड़ी मेहनत करते हुए 37वां शतक बनाया है।
मांजरेकर ने आगे कहा कि जो फॉर्मेट आपको सच में टेस्ट करता है, वह टेस्ट क्रिकेट है। दूसरी बात यह है कि वह इतने फिट हैं, बहुत ज्यादा फिट हैं तो आपको और भी ज्यादा लगता है कि वह शायद अपनी लड़ाई जारी रख सकते थे। फॉर्म में वापस आने के लिए भले ही उन्हें किसी सीरीज से बाहर कर दिया गया, लेकिन वह शायद फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में जा सकते थे। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड में खेल सकते थे, भारत में और मैच खेल सकते थे, एक और वापसी करने की कोशिश कर सकते थे। जाहिर है, यह फैसला उनका है, उनकी मर्ज़ी है। लेकिन हां, जब जो रूट और स्टीव स्मिथ सेंचुरी बनाते हैं, तो थोड़ी निराशा और थोड़ा दुख होता, क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की इतनी परवाह की थी, है ना?
Published on:
06 Jan 2026 02:00 pm
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