क्रिकेट

‘स्कूल वापस जाओ और कप्तानी सीखो’, शुभमन गिल को शान मसूद की नकल करने के लिए इस दिग्गज ने लताड़ा

इंदौर वनडे में गिल की कप्तानी को लेकर उनकी ‘प्रोएक्टिवनेस’ यानी मैच के दौरान तुरंत फैसले लेने की क्षमता पर लाइव टीवी पर सवाल उठे, जिसके बाद आलोचनाएं और तेज़ हो गईं।
3 min read
Jan 19, 2026
Shubman Gill
भारतीय कप्तान शुभमन गिल (फोटो- IANS)

न्यूज़ीलैंड के हाथों वनडे सीरीज़ गंवाने की निराशा से टीम इंडिया अभी उबर भी नहीं पाई थी कि कप्तान शुभमन गिल आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। बतौर कप्तान यह गिल की लगातार दूसरी वनडे सीरीज़ हार है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी है।

न्यूज़ीलैंड की कमजोर टीम से हारा भारत

इस हार की कसक इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि जिस न्यूज़ीलैंड टीम ने भारत को हराया, उसे अनुभव के लिहाज़ से कमजोर माना जा रहा था। केन विलियमसन, मिचेल सैंटनर, रचिन रवींद्र, टॉम लैथम, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन और ईश सोढ़ी जैसे बड़े नाम प्लेइंग इलेवन में नहीं थे। इसके बावजूद कीवी टीम ने भारत में अपनी वनडे सीरीज़ जीत का लंबा इंतजार खत्म कर दिया।

कप्तान के तौर पर शुभमन गिल का प्रदर्शन औसत

इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ को छोड़ दें तो कप्तान के तौर पर शुभमन गिल का प्रदर्शन अब तक औसत ही रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ भी भारत के पास सीरीज़ जीतने का मौका था, लेकिन टीम उसे भुना नहीं सकी। इंदौर वनडे में गिल की कप्तानी को लेकर उनकी ‘प्रोएक्टिवनेस’ यानी मैच के दौरान तुरंत फैसले लेने की क्षमता पर लाइव टीवी पर सवाल उठे, जिसके बाद आलोचनाएं और तेज़ हो गईं।

बासित अली ने गिल की कप्तानी पर खुलकर तंज कसा

पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज़ बासित अली ने तो गिल की कप्तानी पर खुलकर तंज कसा। उन्होंने न्यूज़ीलैंड की जीत का श्रेय सीधे तौर पर भारतीय कप्तान के फैसलों को दे दिया। गेंदबाज़ी बदलावों पर सवाल उठाते हुए बासित अली ने कहा कि कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी गेंदबाज़ मौजूद होने के बावजूद पहले नीतीश रेड्डी से गेंदबाज़ी कराना समझ से बाहर है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि "कप्तानी सीखने के लिए गिल को फिर से स्कूल चले जाना चाहिए।"

बासित ने कहा, "इस जीत का पूरा श्रेय भारतीय कप्तान मिस्टर गिल और उनकी कप्तानी को जाता है। भारत के पास हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह नहीं थे, शमी को वे खिलाना ही नहीं चाहते। भारत की पूरी ताक़त अब सिर्फ़ विराट कोहली और रोहित शर्मा तक सिमट गई है। राहुल ने दो मैचों में रन बनाए, लेकिन आज सस्ते में आउट हो गए। बाकी बल्लेबाज़ क्या कर रहे थे?"

गिल की कप्तानी समझ पर सवाल खड़े किए

बासित ने गिल की कप्तानी समझ और मैदान पर फैसलों को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उन्हें कप्तानी शुरुआत से सीखने की ज़रूरत है। उनके मुताबिक, पहले वनडे में जब न्यूज़ीलैंड 300 से ज़्यादा रन लगभग चेज़ कर गया था, तभी यह साफ़ हो जाना चाहिए था कि कीवी बल्लेबाज़ों की मानसिकता क्या है।

बासित ने आगे कहा, "आपके पास स्पेशलिस्ट गेंदबाज़ हैं, फिर भी आप उनसे पहले पार्ट-टाइम विकल्प आज़मा रहे हैं। आप किसी और कप्तान की नकल कर रहे हैं। ड्रेसिंग रूम से जो मैसेज आया है, बस उसी को फॉलो कर रहे हैं। आपको शुरुआती ब्रेकथ्रू चाहिए था और आपने वह मौका खुद गंवा दिया।"

हालांकि भारत की यह हार सिर्फ कप्तान की नहीं, बल्कि पूरी टीम की सामूहिक विफलता की कहानी भी है। वडोदरा में पहला मैच जीतकर 1-0 की बढ़त लेने के बाद भारत राजकोट और इंदौर में हार गया। निर्णायक मुकाबले में भारत ने न्यूज़ीलैंड के पांच रन पर दो विकेट चटका दिये थे, लेकिन इसके बाद डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने 219 रनों की साझेदारी कर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। दोनों ने टीम को 337 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

भारतीय बल्लेबाज़ी में भी वही पुरानी समस्या सामने आई। शीर्ष क्रम पूरी तरह फ्लॉप रहा। शुभमन गिल, रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार शतकीय पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई मजबूत साथ नहीं मिला। नीतीश रेड्डी और हर्षित राणा के अर्धशतक भी टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके। कोहली के आउट होते ही मुकाबला लगभग भारत के हाथ से निकल गया।

Updated on:
19 Jan 2026 05:55 pm
Published on:
19 Jan 2026 05:55 pm