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बर्थ डे स्पेशल: 69 साल की उम्र तक खेलने वाले वो लीजेंड, जिन्होंने भारत को क्रिकेट का ककहारा सिखाया

37 की उम्र में क्रिकेट की शुरुआत कर 62 तक रणजी खेलने वाले टीम इंडिया के पहले कप्तान सीके नायडू को उनके जन्मदिन पर नमन...
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Updated: 31 Oct 2017, 10:42 AM IST
ck nayudu

नई दिल्ली। आज भारतीय टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीम मानी जाती है। इसने अपने दमदार प्रदर्शन के आगे दुनिया के सभी टीमों को बेदम कर रखा है। लेकिन आपको पता होगा कि कभी भारतीय टीम की हालत भी आयरलैंड, बरमुडा जैसे क्रिकेट खेलने वाले नवोदित देशों की तरह थी। उस दौर में तो भारत सच मायनों में भारत बना भी नहीं था। तब यह अंग्रेजों का एक उपनिवेश था। अंग्रेजों ने ही क्रिकेट से हमारा परिचय कराया। तब के दौर में राज-राजवाड़ों में खेले जाने वाला इस खेल में कई ऐसे नाम आए, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लगा कर भारत को क्रिकेट का ककहारा सिखाया। उसी दौर के एक लीजेंड का जन्मदिन है। यह वो शख्स है, जिसकी जिंदगी में क्रिकेट से बड़ा कुछ नहीं था। आज भारतीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान सी के नायडू का जन्मदिन हैं। आईए जानते है सीके नायडू में कुछ अनजानी-अनकही रोचक बातें....

69 की उम्र तक खेला क्रिकेट
31 अक्टूबर 1895 को नागपुर महाराष्ट्र में जन्म लेने वाले कर्नल कोट्टारी कंकैया नायडू को प्यार से लोग सी. के. कहकर पुकारा करते थे। सीके ने क्रिकेट में पर्दापन उस उम्र में किया, जिस पड़ाव पर आकर आज के समय क्रिकेटर संन्यास लेते है। सी के नायडू ने 37 साल की उम्र में क्रिकेट में पर्दापण किया। नायडू 69 साल तक क्रिकेट खेलते रहे। साल 1956-57 में 62 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश की तरफ से रणजी मैच खेलते हुए नायडू ने दो बेहतरीन अर्धशतक भी लगाया। अपने आखिरी मुकाबले में नायडू 69 की उम्र में एक चैरिटी मैच का हिस्सा बने थें।

MCC के खिलाफ 153 रनों की धमाकेदार पारी
नायडू ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1916 डेब्यू किया। तब वे अपने स्कूल हिसॉप कॉलेजिएट हाई स्कूल की टीम के कप्तान बने। नायडू ने बॉम्बे जिमखाना की घरेलू टीम के लिए मैच खेला। साल 1926 में MCC की टीम भारत दौरे पर आई। नायडू ने जिमखाना की ओर से खेलते हुए 153 रन की धमाकेदार पारी खेली जिसमें 11 छक्के भी शामिल थे।

पहले मैच में खेली थी उपयोगी पारी
नायडू 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में भारत ने अपना पहला आधिकारिक टेस्ट मैच खेला। यह भारत का भी पहला मैच था। इस मैच में नायडू टीम इंडिया के कप्तान थे। मैच में भारत को हार तो जरुर मिली, लेकिन मैच में नायडू का प्रदर्शन दमदार था। मैच में फील्डिंग के दौरान उनके हाथ में काफी चोट भी आई थी। इसके बावजूद नायडू ने 40 रनों की उपयोगी पारी के साथ-साथ डगलस जैरडाइन और ईडी पेंटर का कीमती विकेट भी लिया।

ये है नायडू का करियर ग्राफ
नायडू इंटरनेशनल लेवल पर 7 टेस्ट खेले। जिसमें 350 रन बनाए जबकि 9 विकेट लिए। नायडू का सर्वोच्च स्कोर 81 रन था। नायडू ने प्रथम श्रेणी में 207 मैचों में 11 हजार से ज्यादा रन बनाए और 411 विकेट लिए। 1933 में सी. के. नायडू को विज़डन द्वारा 'क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर' चुना गया था। सी. के. नायडू के नाम किसी एक सीज़न में इंग्लैंड में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकार्ड भी है। 1932 में सी. के. नायडू ने कमाल का खेल दिखाते हुए 32 छक्के लगाए थे। क्रिकेट के ऐसे महान लीजेंड को उनके जन्मदिन पर पत्रिका समूह की ओर से नमन।

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31 Oct 2017, 10:42 AM IST
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