मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट की तारीफ के पुल बंधे, लेकिन उन्हें पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने ट्रोल कर दिया।
Harsha Bhogle got trolled by Michael Vaughan: भारत ने इंग्लैंड को अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 100 रन से मात देकर छठी बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद पूर्व खिलाड़ियों से लेकर क्रिकेट एक्स्पर्ट्स तक सभी ने इस युवा टीम की जमकर तारीफ की। मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट की तारीफ के पुल बंधे, लेकिन उन्हें पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने ट्रोल कर दिया।
हर्षा ने भारत की जीत के बाद लिखा, "टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन, महिला वर्ल्ड कप चैंपियन, U19 वर्ल्ड कप चैंपियन, वर्ल्ड कप रनर-अप। भारतीय क्रिकेट बहुत अच्छी स्थिति में है।" इसपर वॉन ने लिखा, "टेस्ट क्रिकेट का क्या?" दरअसल भारतीय टीम का टेस्ट क्रिकेट में बुरा हाल है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंक तालिका में वे 5वें स्थान पर हैं। टीम पिछले डेढ़ साल में दो बार अपने घर पर क्लीन स्वीप हो चुकी हैं।
अंडर 19 फ़ाइनल मुक़ाबले की बात करें तो हरारे स्पोर्ट्स क्लब खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 9 विकेट खोकर 411 रन बनाए। भारत को महज 20 के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) के रूप में पहला झटका लग गया था। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूती दी।
म्हात्रे 51 गेंदों में 53 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ तीसरे विकेट के लिए 39 गेंदों में 89 रन जोड़ते हुए भारत को 251 के स्कोर तक पहुंचा दिया। वैभव 80 गेंदों में 15 चौकों और इतने ही छक्कों के साथ 175 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विहान मल्होत्रा ने वेदांत त्रिवेदी के साथ 51 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 300 के पार पहुंचा दिया।
विहान 30 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद अभिज्ञान कुंडु ने 31 गेंदों में 40 रन की पारी खेली। अंतिम ओवरों में 37 रन की नाबाद पारी खेलते हुए कनिष्क चौहान ने भारत को 411/9 के स्कोर तक पहुंचा दिया। विपक्षी खेमे से जेम्स मिंटो ने सर्वाधिक 3 विकेट निकाले, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट हासिल किए। एक विकेट मैनी लम्सडेन ने अपने नाम किया।
इसके जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 19 के स्कोर पर जोसेफ मूर्स (17) का विकेट खो दिया था। यहां से बेन डॉकिन्स ने बेन मेयस के साथ दूसरे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। मेयस 28 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों की मदद से 45 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद डॉकिंस ने थॉमस रेव के साथ तीसरे विकेट के लिए 49 रन और कैलेब फाल्कनर के साथ चौथे विकेट के लिए 32 रन जुटाए।
इंग्लैंड की टीम ने 20.4 ओवरों में 174 के स्कोर पर अपना चौथा विकेट गंवाया और 21.6 ओवरों तक इस टीम का स्कोर 177/7 था। यहां से कैलेब फाल्कनर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 67 गेंदों में 7 छक्कों और 9 चौकों के साथ 115 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड को खिताब नहीं दिला सके। भारत की तरफ से आरएस अंबरीश ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए। दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट निकाले। एक विकेट म्हात्रे के हाथ लगा।