
नई दिल्ली : आईसीसी विश्व कप क्रिकेट 2019 धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंचता जा रहा है। 13 जून को भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना है और 16 जून को होने वाला बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान का मैच अब करीब है। ऐसे में सोमवार का दिल्ली उच्च न्यायालय के आए एक फैसले से स्ट्रीमिंग के जरिये फ्री मैच देखने और सुनने वाले क्रिकेट प्रशंसकों को झटका लग सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अपने अंतरिम आदेश में 60 वेबसाइट्स, 14 रेडियो चैनल और तकरीबन 30 इंटरनेट और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 के मैचों के लाइव स्ट्रीमिंग को रोकने का आदेश दिया है।
एक मीडिया समूह की याचिका पर दिया फैसला
न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने यह अंतरिम आदेश एक मीडिया समूह की याचिका पर दिया है। इसमें 30 मई से 14 जुलाई तक चलने वाले विश्व कप क्रिकेट के ऑडियो कवरेज के कॉपीराइट का दावा किया है। न्यायाधीश मिधा ने अपने अंतरिम आदेश में गूगल जैसे सर्च इंजनों तथा इंटरनेट, दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों को इसका उल्लंघन करने वाली उन वेबसाइटों से लिंक हटाने या इसे बंद करने को कहा है, जहां क्रिकेट विश्वकप का कवरेज अनधिकृत रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।
चार सितंबर को होगी अगली सुनवाई
इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने ऐसी वेबसाइटों, रेडियो चैनलों, इंटरनेट और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं तथा केन्द्र को नोटिस जारी कर सभी को 4 सितंबर तक अपना पक्ष रखने को कहा है। इस मामले में अब अगली सुनवाई चार सितंबर को होगी।
अपनी याचिका में मीडिया समूह के वकील जयंत मेहता और सुभालक्ष्मी सेन ने अदालत से कहा था कि ये चैनल इसके लिए अधिकृत नहीं हैं और इनके पास प्रसारण का लाइसेंस नहीं है। संबंधित मीडिया समूह के वकील ने कहा कि इसका अधिकार उनके पास है। उनका आईसीसी व्यावसायिक कॉरपोरेशन के साथ ऑडियो अधिकार में शामिल हुआ था।
अदालत ने इन वेबसाइट्स को इतनी दी राहत
अदालत ने संबंधित मीडिया समूह के वकील की दलील को सही मानते हुए कहा कि बचाव पक्ष, उनके साझेदार, उनके अधिकारी, कर्मचारी, एजेंट्स और प्रतिनिधित्व, फ्रेंचाइजी और सभी को आईसीसी विश्व कप-2019 की ऑडियो और रेडियो कवरेज से रोका जाता है। हालांकि अपने इस अंतरिम आदेश में उन्होंने ऐसे वेबसाइटों को थोड़ी राहत भी दी। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष 15 मिनट के अंतर पर स्कोर बता सकता है।