
How IPL start in India: इंडियन प्रीमियर विश्व की सबसे बड़ी टी20 क्रिकेट लीग है, जिसमें दुनिया भर के बल्लेबाज खेलने को तरसते हैं। इस लीग को 13 सितंबर 2007 को लॉन्च किया गया था और पहला सीजन 2008 में 8 फ्रैंचाइजी टीमों के बीच खेला गया था। अब ये लीग अपने 19वें सीजन में प्रवेश करने जा रही है, जिसके लिए 16 दिसंबर को अबू धाबी में मिनी ऑक्शन आयोजित होने जा रहा है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आईपीएल का जन्म एक बगावत के बाद हुआ था? भारत के पूर्व ओपनर और प्रसिद्ध कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने इसके बारे में विस्तार से बताया है।
आकाश चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का जन्म एक बगावत की वजह से हुआ था। बात 2005 और 2006 की है, जब कई देशों ने टी20 को मान्यता देनी शुरू कर दी थी। इंग्लैंड ने तो आधिकारिक रूप से इसे अपना भी लिया था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने भी बिग बैश लीग पर चर्चा करनी शुरू कर दी थी। वहीं, भारत टी20 क्रिकेट को पजामा जैसा ही मानता था उसके पीछे की सोच ये थी कि इससे बॉलर्स का रोल ही खत्म हो जाएगा। हालांकि ये सोच गलत नहीं थी, लेकिन समय बदल रहा था।
उन्होंने बताया कि इसी बीच बिजनेसमैन सुभाष चंद्रा बीसीसीआई की एक बैठक में कहा कि हम टी20 लीग क्यों नहीं खेलते? लेकिन किसी ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया तो चंद्रा ने कहा कि तुम शुरू नहीं करोगे तो मैं खुद शुरू कर लूंगा। ये बगावत की पहली चिंगारी थी, जिसके बाद चंद्रा ने इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) की शुरुआत की, जिसमें सिटी बेस्ड टीम बनाई गई। इस टूर्नामेंट के लिए ब्रायन लारा, क्रिस क्रेन्स और इंजामुल हक जैसे स्टार प्लेयर्स को साइन किया गया और भारत के महान कप्तान को इसका ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया।
आईसीएल की चमक-धमक और पैसे को रणजी खिलाड़ी भी इग्नोर नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद पहली बार घरेलू क्रिकेट और सीनियर पुरुष टीम की अहमियत खतरे में नजर आने लगी तो बीसीसीआई ने आईसीएल को अनाधिकारिक घोषित कर दिया। इसके साथ ही इस टूनामेंट में हिस्सा लेने वाले प्लेयर्स को भी बैन कर दिया।
वहीं, टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ती देख आईसीसी ने टी20 वर्ल्ड कप कराने का फैसला कर लिया। जबकि बीसीसीआई अभी तक भी इसे नकार रहा था। हालांकि बीसीसीआई ने 2007 में एमएस धोनी की अगुवाई में एक टी20 टीम विश्व कप के लिए साउथ अफ्रीका भेजी, जिसने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती और एक ऐसे फॉर्मेट में चैंपियन बने, जिसे बीसीसीआई नजरअंदाज कर रहा था।
एमएस धोनी की अगुवाई वाली टीम की ऐतिहासिक जीत और आईसीएल की बगावत से बीसीसीआई को प्रोत्साहन मिला। बोर्ड ने फिर अपनी एक लीग शुरू करने का फैसला किया और इस तरह इंडियन प्रीमियर लीग का जन्म हुआ। अब ये दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है।