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IND vs PAK: भारत-पाक मैच पर सस्पेंस खत्‍म, नकवी ने ‘फील्ड मार्शल’ का नाम लेकर खड़ा किया नया विवाद

भारत-पाक मैच पर सस्पेंस खत्म, लेकिन मोहसिन नकवी ने फील्ड मार्शल असीम मुनीर का नाम लेकर छेड़ा नया विवाद। जानें क्यों क्रिकेट के मैदान में हुई आर्मी की एंट्री और कैसे हुआ पाकिस्तान का यू-टर्न...
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Feb 10, 2026
PCB chief Mohsin Naqvi and Field Marshal Asim Munir India vs Pakistan
PCB chief Mohsin Naqvi brought up Asim Munir's name at a press meet on Monday. (photo - ians)

T20 World Cup 2026, IND vs PAK: 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मैच का सस्पेंस खत्‍म तो हुआ, मगर साथ ही नकवी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया। मैच के लिए राजी होने से कुछ घंटे पहले, नकवी ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर का नाम लेते हुए कहा कि न तो वह और न ही उनकी सरकार भारत या आईसीसी (ICC) की किसी धमकी से डरने वाली है। हफ्तों चले ड्रामे, बॉयकॉट की धमकियों और लंबी बातचीत के बाद आखिरकार सोमवार को पाकिस्तान मैच खेलने के लिए तैयार हो गया।

क्रिकेट के मैदान में आर्मी चीफ का जिक्र क्यों?

मोहसिन नकवी, जो पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं, ने इस चर्चा में मिलिट्री लीडर को घसीट लिया। जानकारों का मानना है कि यह क्रिकेट विवाद को देश की ताकत से जोड़कर दिखाने की एक कोशिश थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नकवी ने कहा, 'न तो मैं भारत और ICC की धमकियों से डरता हूं, न ही पाकिस्तान सरकार। और जहां तक फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर की बात है, आप तो उनके बारे में जानते ही हैं, वे कभी नहीं डरते।'

मामला खेल का नहीं, देश का है...

असीम मुनीर पाकिस्तान के इतिहास के बहुत प्रभावशाली मिलिट्री अधिकारी हैं। मई 2025 में जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (PoK में आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक) लॉन्च किया था, उसके बाद पाकिस्तान की कैबिनेट ने जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट कर दिया था। अयूब खान के बाद इस पद तक पहुंचने वाले वे देश के दूसरे व्यक्ति हैं।

बता दें कि 7 मई 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने जैश और लश्कर के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी। पाकिस्तान मुनीर को अपनी ताकत और बहादुरी के रूप में देखता है। मीडिया के अनुसार, नकवी का मुनीर का नाम लेना बयानबाजी नहीं थी, यह संदेश देना था कि यह मामला अब सिर्फ खेल नहीं, देश का है।

शरीफ की सलाह के बाद PCB का यू-टर्न

इतनी बयानबाजी और बॉयकॉट की धमकियों के बावजूद, पीसीबी को पीछे हटना पड़ा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने श्रीलंका, यूएई और बांग्लादेश जैसे देशों के क्रिकेट बोर्डों से बातचीत की, जिसके बाद सरकार ने अपनी टीम को 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ खेलने का निर्देश दिया।

सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह फैसला मित्र देशों के अनुरोध और इंटरनेशनल क्रिकेट के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वहीं, ICC ने भी पुष्टि की है कि लाहौर में हुई उनकी मीटिंग काफी सकारात्मक रही और बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।

Updated on:
10 Feb 2026 02:10 pm
Published on:
10 Feb 2026 02:10 pm