अभिषेक शर्मा को टॉप ऑर्डर से हटा दिया जाए, तो भारतीय टॉप ऑर्डर का स्ट्राइक रेट 147.79 से गिरकर 124.20 हो जाता है, जो दुनिया की सबसे कमजोर टीमों में से एक बना देता है। 2025 में अभिषेक ने टॉप ऑर्डर के रनों में 42% योगदान दिया है।
India vs South Africa T20: दायें हाथ के बल्लेबाज शुभमन गिल टी20 क्रिकेट में लंबे समय से फ्लॉप चल रहे हैं। गिल ने एक साल से भी ज्याद समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक तक नहीं लगाया है। बावजूद इसके उन्हें एक के बाद एक मौके मिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने बतौर सलामी बल्लेबाज भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। संजू ने एक साल में तीन अंतरराष्ट्रीय शतक जड़े हैं। फिर भी, उन्हें टी20 टीम में नियमित मौके नहीं मिल पा रहे हैं।
गिल को टी20 टीम में फिट करने की इसी जिद में भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर सैमसन के करियर की बाली चढ़ा रहा है। सैमसन के ओपनिंग से हटाने के बाद न सिर्फ उनका व्यक्तिगत स्ट्राइक रेट गिर गया है, बल्कि टीम पर भी इसका बहुत बुरा इंपेक्ट पड़ा है। सैमसन के हटने के बाद से भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर लगातार संघर्ष कर रहा है। खब्बू बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के अलावा गिल और कप्तान सूर्यकुमार यादव जैसे अन्य टॉप ऑर्डर बल्लेबाज बेहद खराब दौर से गुजर रहे हैं, जबकि नंबर तीन की पोजीशन हर मैच में बदलती रहती है।
टी20 टीम की यह कमजोरी इतनी स्पष्ट है कि यदि अभिषेक शर्मा को हटा दिया जाए, तो भारतीय टॉप ऑर्डर का स्ट्राइक रेट 147.79 से गिरकर 124.20 हो जाता है, जो दुनिया की सबसे कमजोर टीमों में से एक बना देता है। 2025 में अभिषेक ने टॉप ऑर्डर के रनों में 42% योगदान दिया है। जब तक अभिषेक क्रीज पर रहते हैं, टीम का स्ट्राइक रेट 147.79 बना रहता है, लेकिन उनके आउट होने के बाद यह 124.20 पर सिमट जाता है। यानी अभिषेक के क्रीज़ छोड़ते ही स्ट्राइक रेट में 23.59 की भारी गिरावट आती है और टीम का स्कोरिंग औसत भी करीब 20 रन कम हो जाता है।
इसके विपरीत, एशिया कप से पहले जब अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन साथ में ओपनिंग करते थे, तो स्थिति बिल्कुल अलग थी। दोनों पहली गेंद से ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते थे। दोनों ने 12 मैचों में साथ में सलामी बल्लेबाजी की है और 267 रन ठोके हैं। इस दौरान टीम का स्ट्राइक रेट 163 का रहा है। यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि मौजूदा फॉर्म और टीम संतुलन के लिहाज से चयन नीति पर पुनर्विचार की जरूरत है, ताकि भारतीय टी20 टीम अपनी आक्रामकता और मजबूती फिर से हासिल कर सके।