
India Pakistan new sports policy 2026: पहलगाम आतंकी हमलों और 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल बाद, भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। खेल मंत्रालय ने 5 मई को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी किया है, जिसमें साफ कहा गया है कि खेल और सीमा पार के तनाव को कैसे अलग-अलग देखा जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
सरकार ने 'द्विपक्षीय' (Bilateral) और 'बहुपक्षीय' (Multilateral) आयोजनों के बीच एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी घरेलू सीरीज नहीं होगी। न तो भारतीय टीम पाकिस्तान खेलने जाएगी और न ही पाकिस्तानी टीम को भारत में द्विपक्षीय मैच खेलने की अनुमति मिलेगी। यदि भारत किसी विश्व कप, एशिया कप या अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट (जैसे चैंपियंस ट्रॉफी 2029 या वर्ल्ड कप 2031) की मेजबानी करता है, तो पाकिस्तानी टीम को भारत आने की अनुमति दी जाएगी। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों (जैसे ICC या IOC) के नियमों का पालन करना जरूरी है।
भारत अब खुद को एक ग्लोबल स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में पेश कर रहा है। ऐसे में वीजा को लेकर होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाने का वादा किया है। अंतरराष्ट्रीय महासंघों के अधिकारियों को अब 5 साल तक का मल्टी-एंट्री वीजा प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, ताकि आयोजनों में कोई बाधा न आए।
पहलगाम हमलों के बाद दोनों देशों के खेल रिश्तों में काफी कड़वाहट आ गई थी। 2025 एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने पर सरकार को आलोचना झेलनी पड़ी थी। लेकिन अब, चूंकि भारत 2036 ओलंपिक की दावेदारी कर रहा है और OCA के अधिकारी जल्द ही अहमदाबाद (गुजरात) का दौरा करने वाले हैं, इसलिए भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है।