
Manjot Kalra remanded till July 31: लंका प्रीमियर लीग (LPL 2026) में मैच फिक्सिंग और करप्शन केस में
फंसे भारत के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर और जाफना किंग्स के को-ओनर मनजोत कालरा को बड़ा झटका लगा है। कोलंबो की एक कोर्ट ने कालरा को 31 जुलाई तक के लिए रिमांड पर भेज दिया। ये कार्यवाही एलपीएल से जुड़े एक कथित करप्शन केस में उनकी गिरफ्तारी के एक दिन बाद की गई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मनजोत कालरा ने कथित तौर पर लंका प्रीमियर लीग के मैचों को प्रभावित करने के लिए श्रीलंकाई खिलाड़ियों से संपर्क किया था। कालरा ने भानुका राजपक्षे, दुनिथ वेल्लालागे और अविष्का फर्नांडो से को 30,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 28,88,565 रुपये) से ज्यादा का ऑफर दिया था। इन्वेस्टिगेटर्स ने अदालत को यह भी बताया कि उनके पास सबूत के तौर पर फोन पर हुई बातचीत के साथ और वीडियो रिकॉर्डिंग भी हैं।
वहीं, मनजोत कालरा के वकीलों ने आरोपों से इनकार किया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि जांच जारी रहने तक वह 31 जुलाई तक कस्टडी में रहेंगे। इस मामले में श्रीलंका क्रिकेट ने कहा है कि वह देश की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट को पूरा सहयोग दे रहे हैं। ज्ञात हो कि कालरा को 16 जुलाई को लंका प्रीमियर लीग 2026 के ओपनिंग मैच से कुछ घंटे पहले ही श्रीलंका पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
माना जा रहा है कि क्रिकेटरों ने इस बातचीत को रिकॉर्ड भी किया था। लेकिन, इन सबके बावजूद कालरा के वकील ने सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि मनजोत कालरा के रिश्वत देने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत को सम्मान के साथ रिप्रेजेंट करने का मौका मिलने के बाद कालरा भारतीय खेल से जुड़े लोगों से उम्मीद की जाने वाली जिम्मेदारी और ईमानदारी को पूरी तरह समझते हैं। वह अपने पूरे करियर में उन मूल्यों को बनाए रखने के लिए कमिटेड रहे हैं।