
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच जारी तीसरे टेस्ट के आखिरी दिन मेहमान टीम का संघर्ष अब भी जारी है। 410 रनों के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए मेहमानों की आधी टीम वापस पवेलियन जा चुकी है। जबकि अभी 184 रन ही स्कोर बोर्ड पर टंगे है। हालांकि सीरीज में अबतक फीका प्रदर्शन करने वाले श्रीलंका के बल्लेबाजों ने इस मैच में दमदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया है। टीम के तीन बल्लेबाज इस मैच में शतक लगा चुके हैं। अभी क्रीज पर मौजूद धनंजय डी सिल्वा और रोशन बल्लेबाजी कर रहे हैं। धनंजय अपना शतक पूरा कर 119 के स्कोर पर रिटायर हर्ट हुए। अभी क्रीज पर रोशन (34) और विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला (05) रन बनाकर खेल रहे हैं। भारतीय टीम को जीत के लिए अब भी पांच विकेट चटकाने की जरूरत है।
अश्विन ने चंडीमाल को किया आउट
पांचवे दिन आर अश्विन ने श्रीलंकाई कप्तान दिनेश चंडीमाल को आउट करने में कामयाबी पाई। अश्विन ने दिनेश चंडीमाल को 36 रन के स्कोर पर क्लीन बोल्ड करते हुए टीम को पांचवी सफलता दिलाई। हालांकि इससे पहले चंडीमाल आउट होते-होते तब बचे थें जब रवींद्र जडेजा ने 44वें ओवर की चौथी गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया था। हालांकि वह गेंद नो बाल निकली और चंडीमल आउट होने से बच गए। इससे पहले, 31 रनों पर तीन विकेट के नुकसान पर पांचवें दिन की शुरुआत करने उतरी श्रीलंका को दिन के छठे ओवर में पहला झटका लगा। पिछली पारी में 111 रन बनाने वाले एंजेलो मैथ्यूज को जडेजा ने स्लिप में अंजिक्य रहाणे के हाथों कैच कराया।
लगातार नौवीं सीरीज जीतने का कारनामा
भारतीय टीम लगातार नौवीं सीरीज जीतने के बेहद करीब है। अगर मेहमान टीम इस मैच को ड्रॉ कराने में भी सफल रहती है, तब भी सीरीज में 1-0 से आगे चल रही मेजबान टीम अपना लगातार नौवीं सीरीज जीतेगी। इसी के साथ भारत इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के बाद दुनिया की तीसरी टीम बन जाएगी, जिसने लगातार नौ सीरीजों में जीत हासिल की हो।
चौथे दिन का लेखा-जोखा
श्रीलंका ने चौथे दिन आखिरी सत्र में दिमुथ करुणारत्ने (13), सादिरा समाराविक्रमा (5), सुरंगा लकमल के विकेट खोए थे। भारत की तरफ से जडेजा ने तीन विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी को एक विकेट मिला है। भारत ने अपनी पहली पारी 536 रनों पर सात विकेट के नुकसान पर घोषित कर दी थी और श्रीलंका को पहली पारी में 373 रनों पर सीमित कर दिया था। भारत ने दूसरी पारी पांच विकेट के नुकसान पर 246 रनों पर घोषित करते हुए श्रीलंका को विशाल लक्ष्य दिया था।