Gautam Gambhir and the Vice-Captain Crisis: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में भारत को साउथ अफ्रीका ने 76 रन से शर्मनाक हार दी। मैच के बाद एक बड़ा सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है कि आखिर उपकप्तान अक्षर पटेल को क्यों नहीं खिलाया गया? गंभीर के कोच बनने के बाद से हार्दिक पंड्या, शुभमन गिल और अब अक्षर, भारतीय उपकप्तान लगातार बदलते रहे हैं, यहां तक कि उनकी टीम में जगह भी सुरक्षित नजर नहीं आ रही है।
Gautam Gambhir and the Vice-Captain Crisis: साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रन की करारी हार, बेंच पर बैठे उपकप्तान अक्षर पटेल और लगातार बदलते भारतीय उपकप्तान, ये सभी बातें मिलकर एक बड़ा सवाल पूछ रही हैं। क्या गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया का उपकप्तान होना एक अभिशाप है? अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार 22 फरवरी को भारत और साउथ अफ्रीका के सुपर 8 मुकाबले में उपकप्तान अक्षर पटेल एक बार फिर प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे।
टीम मैनेजमेंट के अनुसार साउथ अफ्रीका के टॉप ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने वाशिंगटन सुंदर को तरजीह दी। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के वक्त माना कि यह एक मुश्किल फैसला था, लेकिन इसे एक स्ट्रैटजी बताया। मगर नतीजा? साउथ अफ्रीका ने 187 रन बनाए और भारत को 76 रनों की शर्मनाक हार देकर 12 मैचों से चले आ रहे विजयरथ को रोक दिया। विडंबना यह है कि अक्षर का साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 रिकॉर्ड शानदार है। 18 मैचों में 13 विकेट के साथ 2024 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 31 गेंदों पर 47 रन की अहम पारी खेली थी।
जून 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के वक्त हार्दिक पंड्या कप्तान रोहित शर्मा के डेप्युटि थे। रोहित ने टूर्नामेंट के बाद टी20 से संन्यास लिया, तो पूरी दुनिया को लगा कि हार्दिक को कप्तानी मिलना तय है। लेकिन जुलाई 2024 में श्रीलंका दौरे के लिए जब गंभीर के कोचिंग कार्यकाल की पहली टीम का ऐलान किया, तो हार्दिक न कप्तान थे, न ही उपकप्तान। सूर्यकुमार यादव को टी20 की कमान मिली और शुभमन गिल उपकप्तान बने। टूर्नामेंट में 8 मैचों में 144 रन और 11 विकेट लेने वाले हार्दिक को खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल किया गया। मैनेजमेंट का तर्क फिटनेस था, लेकिन रिपोर्ट्स ने संकेत दिया कि मामला गंभीर की पसंद-नापसंद का था।
एशिया कप 2025 में शुभमन गिल को टी20 टीम का उपकप्तान बनाया गया था। टेस्ट और वनडे में वो भारत के नियमित कप्तान भी थे। लेकिन दिसंबर 2025 में जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम घोषित हुई, तो उपकप्तान गिल स्क्वॉड में ही नहीं थे। पिछले 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 24.63 की औसत, ये आंकड़े उनके खिलाफ गए। चयनकर्ता अजित अगरकर ने कहा कि टीम कॉम्बिनेशन के लिए दो विकेटकीपर और दो ओपनर चाहिए थे, इसलिए जगह नहीं बनी। गिल ने बाद में बताया कि टीम की घोषणा से कुछ मिनट पहले ही फोन पर इसकी जानकारी दी गई थी।
गिल की जगह अक्षर पटेल को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए सूर्यकुमार का नया डेप्युटी बनाया गया था। लेकिन नीदरलैंड्स के खिलाफ ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में उन्हें बाहर बिठाया गया। तब माना गया कि बाकी खिलाड़ियों को आसान गेम में मैच सिचुएशन में प्रैक्टिस दी जा रही है। मगर सुपर 8 के सबसे बड़े मुकाबले भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका में भी अक्षर बेंच पर रहे। लगातार दो मैच बेंच पर, वो भी एक ऐसे खिलाड़ी के लिए जो टीम का ऑफिशियल नंबर 2 है! ऐसे में इन दो बातों में संतुलन खोजना बड़ा मुश्किल है कि अक्षर उपकप्तान हैं तो टीम में क्यों नहीं है, और अगर टीम में उनकी जगह ही पक्की नहीं है तो ऐसी स्तिथि में वे उपकप्तान क्यों हैं।
दिलचस्प बात यह है कि गंभीर ने एक बार खुद इसी मसले पर बड़ा खुलासा किया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने उस वक्त का जिक्र किया जब 2011-12 की सीरीज में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद धोनी की कप्तानी तो बरकरार रही, लेकिन उन्हें उपकप्तानी से हटाकर विराट कोहली को यह जिम्मेदारी दे दी गई। गंभीर ने इस फैसले को अपने ऊपर हुए अन्याय की तरह बताया था और रोटेशन पॉलिसी को 'पूरी तरह बकवास' कहा था। आज जब वो खुद हेड कोच हैं, तो उनके शासनकाल में तीन-तीन उपकप्तानों का या तो पद, या टीम में जगह ही छिन गई। जो दर्द उन्होंने कभी खिलाड़ी के रूप में महसूस किया था वही आज कोच के रूप में उनके फैसलों में भी नजर आता है, पर विडंबना है कि अब भी खिलाड़ी ही त्रस्त हैं और मैनेजमेंट के पास भी अपने तर्क हैं।