
कोलकाता. श्रीलंका के खिलाफ ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका को अपनी शानदार गेंदबाजी से पसीने दिलाने वाले टीम इंडिया स्विंग बॉलर भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत का फल है। उन्होंने अपनी फिटनेस को बेहतरीन फॉर्म में लाने के लिए कड़ी मेहनत की है और उसी का फल उन्हें मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभव से भुवनेश्वर यह जान पाए हैं कि उन्हें अपने खेल के किस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है?
चटकाएं आठ विकेट
उत्तर प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ी भुवनेश्वर की शानदार गेंदबाजी के दम पर मैच में आठ विकेट हासिल किए। भारत की ओर से दूसरी पारी में दिए 231 रनों के लक्ष्य को हासिल करने उतरी श्रीलंका को 14 के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवाने पड़े। उन्होंने इस पारी में कुल चार विकेट लिए। श्रीलंका 74 के स्कोर पर अपने सात विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन खराब रोशनी के कारण इस मैच को ड्रॉ कर दिया गया। अगर जरा सा और समय मिल जाता तो टीम इंडिया के गेंदबाज श्रीलंका की टीम को समेट लेते। जिस तरह की गेंदबाजी भारतीय गेंदबाजों ने की उससे आने वाले टेस्ट मैचों में भारतीय गेंदबाजी का जलवा बरकरार रखने की उम्मीद जग चुकी है। पेसर अटेक अगर अपने पूरे जोश में हो तो किसी भी टीम को विकेट बचाने में पसीने आ जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अलग अंदाज
भुवनेश्वर ने कहा कि मैंने जब पदार्पण किया था, तो मैं पूरी तरह से स्विंग गेंदबाजी पर निर्भर था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से आपको पता चलता है कि आपको अपनी गेंदबाजी में सुधार की जरूरत है। मैंने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की और इसी का फल मुझे मिल रहा है। भुवनेश्वर ने कहा कि दूसरी पारी में गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल था, क्योंकि पिच बहुत सूख गई थी। हालांकि, गेंद रिवर्स हो रही थी और इससे उन्हें काफी मदद मिली।