
IPL 2026 Final, Why Gujarat Titans lost Final: गुजरात टाइटंस (GT) के लिए IPL 2026 का फाइनल किसी बुरे सपने जैसा रहा। पहले फ्लाइट लेट होने से प्रैक्टिस छूटी, फिर टॉस हारे, पूरे सीजन में रन बनाने वाले ओपनर्स फ्लॉप रहे, विराट कोहली के एक विवादास्पद 'नॉट आउट' कैच ने मैच का पासा पलटा, और हद तो तब हो गई जब मैच के बाद लौटते वक्त उनकी टीम बस में आग लग गई। इन सभी हादसों ने शुभमन गिल की टीम को आईपीएल इतिहास की सबसे बदकिस्मत टीम बना दिया।
सब कुछ तब शुरू हुआ जब क्वालिफायर-2 जीतने के बाद गुजरात को चंडीगढ़ से अहमदाबाद आना था। पंजाब और उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश और तूफानी मौसम के कारण उनके चार्टर प्लेन को उड़ान भरने की क्लीयरेंस ही नहीं मिली। फ्लाइट करीब 3 घंटे डिले (लेट) हुई और टीम शनिवार रात 11 बजे अहमदाबाद पहुंच सकी। इस वजह से दोनों कप्तानों का ऑफिशियल फोटोशूट भी टालना पड़ा।
फ्लाइट डिले होने की वजह से गुजरात टाइटंस को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल से पहले प्रैक्टिस करने का एक मिनट भी नहीं मिला। दूसरी तरफ, आरसीबी बुधवार को ही अहमदाबाद पहुंच चुकी थी और उनके पास दो सॉलिड ट्रेनिंग सेशंस थे। बीसीसीआई (BCCI) के इस खराब शेड्यूल की वजह से गुजरात बिना किसी तैयारी के सीधे फाइनल खेलने उतरी, जिसका पूरा फायदा आरसीबी को मिला।
मैच शुरू होने से पहले ही किस्मत ने गुजरात का साथ छोड़ दिया। शुभमन गिल टॉस हार गए और सिक्का आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार के हक में गया, जिन्होंने पहले बॉलिंग चुनी। आरसीबी क्वालिफायर-1 के बाद से ही अहमदाबाद में डटी थी और पिच को अच्छी तरह जान चुकी थी। पिछले साल भी आरसीबी इसी पिच पर जीती थी, जिससे उन्हें कंडीशंस का भारी फायदा मिला।
इस सीजन में 100 रन की सबसे ज्यादा पार्टनरशिप का ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाने वाली शुभमन गिल और साई सुदर्शन की जोड़ी फाइनल में पूरी तरह फ्लॉप रही। इस सीजन में सबसे ज्यादा रनों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर चल रहे साई सुदर्शन सिर्फ 12 रन बना सके। वहीं, 732 रनों के साथ दूसरे नंबर पर काबिज शुभमन गिल भी महज 10 रन पर चलते बने। दोनों ने सिर्फ 2-2 चौके ही मारे। आरसीबी के पेसर्स ने शॉर्ट बॉल रणनीति से गुजरात के बैटिंग लाइन-अप को तहस-नहस कर दिया। वाशिंगटन सुंदर के 50 रनों की बदौलत गुजरात ने जैसे-तैसे 155/8 बनाए।
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 16वें ओवर में आया, जब अर्शद खान की बॉल पर शुभमन गिल ने आगे की तरफ डाइव लगाकर विराट कोहली का एक लो कैच पकड़ा। गुजरात के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे, लेकिन कोहली क्रीज पर अड़े रहे कि गेंद जमीन को छू चुकी है। मैदान पर माहौल काफी गर्म हो गया और दोनों के बीच बहस भी हुई।
थर्ड अंपायर जे. मदनगोपाल ने रिप्ले में देखा कि गिल की उंगलियां नीचे जरूर थीं, लेकिन गेंद का कुछ हिस्सा घास को छू रहा था। अंपायर ने कोहली को नॉट आउट दे दिया। यह फैसला काफी विवादास्पद रहा, क्योंकि नॉकआउट मैच में जेसन होल्डर ने ऐसा ही कैच लेकर रजत पाटीदार को आउट किया था, पर यहां कोहली बच गए। इस लाइफलाइन का फायदा उठाकर कोहली ने 42 गेंदों में नाबाद 75* रन ठोक दिए और आरसीबी को 5 विकेट से चैंपियन बना दिया।
टाइटंस की बदकिस्मती यहीं खत्म नहीं हुई। मैच हारने के बाद जब पूरी टीम वापस लौट रही थी, तब उनकी बस में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। प्लेयर्स और सपोर्ट स्टाफ को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन उन्हें स्टेडियम पर करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। एक ही रात में इतना सब कुछ झेलने के बाद, गुजरात टाइटंस सच में सबसे अनलकी टीम साबित हुई।