Daniel Vettori on SRH loss: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद की बैटिंग बुरी तरह फेल रही। 86 रन पर सिमटने और रिकॉर्ड हार झेलने के बाद कोच डेनियल विटोरी ने चुप्पी तोड़ते हुए बल्लेबाजों का बचाव किया है। जानें विटोरी ने इस हार को क्यों रेयर ब्लिप बताया।
Daniel Vettori statement on SRH batting: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को महज 86 रनों पर ढेर कर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। जहां पूरी दुनिया हैदराबाद की बल्लेबाजी की आलोचना कर रही है, वहीं हेड कोच डेनियल विटोरी अपनी टीम के बचाव में उतर आए हैं।
12 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली करारी हार के बाद सनराइजर्स हैदराबाद के कोच डेनियल विटोरी बिल्कुल भी परेशान नजर नहीं आए। उन्होंने अपनी टीम के बल्लेबाजों का पूरा समर्थन किया है। विटोरी ने इस हार को एक दुर्लभ चूक बताया। उनका कहना है कि उनकी टीम जिस आक्रामक अंदाज (Hyper-attacking approach) में खेलती है, उसमें कभी-कभी ऐसा होना मुमकिन है। विटोरी ने कहा, 'हमें पता था कि 169 रनों का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, लेकिन इसके लिए एक अच्छी शुरुआत जरूरी थी जो हमें नहीं मिली। मैं अपनी बैटिंग यूनिट को दोष नहीं देता, उन्होंने इस पूरे सीजन में कमाल का प्रदर्शन किया है। हर टीम का एक बुरा दिन होता है, और हमारा बुरा दिन आज था।'
इस मैच में गुजरात के गेंदबाजों ने दिखाया कि क्यों उन्हें इस सीजन की सबसे खतरनाक बॉलिंग यूनिट माना जा रहा है। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की जोड़ी ने पावरप्ले में ही हैदराबाद की कमर तोड़ दी। गुजरात (GT) के साई किशोर ने मैच के बाद बताया कि पिच थोड़ी नमी वाली थी और गेंद सीम हो रही थी। उन्होंने कहा, 'हमारे पास सिराज और रबाडा जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं जो जानते हैं कि टेस्ट मैच वाली सटीक लेंथ पर कैसे गेंदबाजी करनी है। शुभमन गिल और आशीष नेहरा ने हमें साफ निर्देश दिए थे कि इस पिच पर स्लोअर बॉल के बजाय हार्ड लेंथ पर भरोसा करें।'
हैरानी की बात यह रही कि जहां इस सीजन में पावरप्ले में रनों की बरसात हो रही थी, वहीं इस मैच के पहले 6 ओवरों में दोनों टीमों ने मिलकर सिर्फ 68 रन बनाए, जो इस सीजन का सबसे कम स्कोर है। गुजरात ने 168 रनों का बचाव करते हुए SRH को उनकी आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी (रनों के लिहाज से) हार थमा दी।