Mumbai Indians Hardik Pandya Captaincy Failure: क्या मुंबई इंडियंस के लिए खत्म हो गया है IPL 2026 का सफर? हार्दिक पांड्या की कप्तानी और खराब फॉर्म ने बढ़ाई टीम की मुश्किलें। चेन्नई से मिली हार के बाद उठे बड़े सवाल।
IPL 2026, Hardik Pandya Captaincy Failure: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के लिए अब प्लेऑफ की राह किसी चमत्कार से कम नहीं लग रही। गुरुवार रात चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मिली 103 रनों की करारी हार ने टीम का मनोबल तो तोड़ा ही, साथ में हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। 208 रनों का पीछा करने उतरी मुंबई की पूरी टीम महज 104 रनों पर ढेर हो गई। यह रनों के मामले में मुंबई की आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी हार है।
हार्दिक पांड्या गुजरात टाइटंस (GT) के लिए किसी जादूगर से कम नहीं थे, जहां उन्होंने पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाया। लेकिन मुंबई इंडियंस में लौटते ही उनका वो जादू गायब हो गया है। इस सीजन में हार्दिक हर मोर्चे पर नाकाम रहे हैं। बल्लेबाजी की बात करे तो वो 6 मैचों में सिर्फ 97 रन (औसत 19.40) ही अपने बल्ले से निकाल पाए है। और गेंदबाजी में केवल 3 विकेट और 12.67 की इकोनॉमी रेट (बेहद महंगा) के साथ।
मैच के बाद हार्दिक के बयानों ने फैंस को और निराश किया है। पंजाब किंग्स (PBKS) से हार के बाद उन्होंने माना था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि टीम कहां पीछे रह गई है। चेन्नई से हार के बाद भी उनका वही रटा-रटाया जवाब था 'हम वापस जाकर देखेंगे कि क्या गलत हुआ।' एक कप्तान का यह स्वीकार करना कि उसे अपनी टीम की समस्या नहीं पता, मुंबई जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए चिंता का विषय है।
हार्दिक की मुश्किलें अकेले उनकी फॉर्म नहीं है। टीम के बड़े नाम भी उनका साथ नहीं दे पा रहे हैं। जैसे पूर्व कप्तान रोहित शर्मा जो हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण पिछले 3 मैचों से बाहर हैं। सूर्यकुमार यादव जो 7 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक लगा पाए है। वो पुराना सूर्या 360-डिग्री प्लेयर नजर नहीं आ रहे। बुमराह 7 मैचों में केवल 2 विकेट ही ले पाए है और औसत 105 के साथ। जसप्रीत का ऐसा फॉर्म किसी ने सोचा भी नहीं था।
जब हार्दिक दोबारा मुंबई में आए थे, तब उन्हें फैंस के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था क्योंकि रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाया गया था। पिछले साल टीम के सुधार ने उन्हें बचा लिया, लेकिन इस बार टीम फिर से 2024 वाली हालत में पहुंच गई है। अगर मुंबई यहां से कोई जादुई वापसी नहीं करती, तो फ्रेंचाइजी के लिए हार्दिक को कप्तान बनाए रखना बहुत मुश्किल होगा।