Jasprit Bumrah workload management: मुंबई इंडियंस आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की रेस से लगभग बाहर हो चुकी है। अब सवाल ये है कि फ्रैंचाइजी जसप्रीत बुमराह को आराम देगी? आइये जानते हैं एमआई के कोच का इस बारे में क्या कहना है और कैसे उन्हें आराम न देना भारी पड़ सकता है।
Jasprit Bumrah workload management: आईपीएल 2026 में शनिवार को खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सीएसके के सामने महज 160 रनों का लक्ष्य रखा और एक बार फिर जसप्रीत बुमराह पर ही लगभग नामुमकिन काम करने की जिम्मेदारी छोड़ दी। बुमराह ने पूरी जान लगाकर गेंदबाजी करते हुए शानदार फॉर्म में चल रहे संजू सैमसन को आउट किया और तीन ओवर में एक विकेट लेकर महज 20 रन दिए। सीएसके के बल्लेबाज उनके ओवर संभलकर खेले, वहीं, दूसरे छोर से हमला करते आसानी से मैच जीत लिया।
दरअसल, मुंबई इंडियंस की इस पूरे आईपीएल में यही कहानी रही है। बुमराह ने 9 मैचों में अब तक 33 ओवर फेंकें हैं, जिसमें उनका इकॉनमी रेट 8.61 रहा है, जबकि बाकी गेंदबाजों ने कहीं ज्यादा रन लुटाए हैं। एमआई चाहती है कि बुमराह एक ही समय पर बचाव करने और हमला करने दोनों जिम्मेदारी निभाएं। जब यह थका हुआ तेज गेंदबाज, जो टी20 विश्व कप की शुरुआत से ही लगातार खेल रहा है, विकेट लेने के लिए संघर्ष कर रहा है।
एमआई के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए बुमराह को भी कुछ हद तक दोषी ठहराया जा रहा है। टीम अब प्ले ऑफ की रेस से लगभग बाहर हो चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या फ्रैंचाइजी उन्हें टूर्नामेंट के बाकी मैचों के लिए आराम देगी? शनिवार की करारी हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच महेला जयवर्धने इस विचार से सहमत नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि हम अभी पूरी तरह से बाहर तो नहीं हुए हैं, है ना? महेला ने अपने साथ मौजूद मीडिया मैनेजर की ओर देखा तो मैनेजर ने भी जोर से सिर हिलाकर कोच को यह भरोसा दिलाया कि टीम की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं।
जब जयवर्धने से पूछा गया कि क्या बुमराह को टूर्नामेंट के बाकी मैचों के लिए आराम दिया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हमारे अभी भी पांच मैच बाकी हैं और कुछ भी हो सकता है। हमें बस इस टूर्नामेंट का अंत सकारात्मक तरीके से करना है और देखना है कि आगे क्या होता है। अभी बहुत क्रिकेट खेला जाना बाकी है। मुझे नहीं लगता कि गणितीय रूप से हम टूर्नामेंट से बाहर हुए हैं। इसलिए, मैं तो संघर्ष करूंगा ही और मुझे पूरा यकीन है कि टीम के बाकी खिलाड़ी भी ऐसा ही करेंगे।
शायद किसी को इस श्रीलंकाई दिग्गज को साल 2022 की याद दिलानी चाहिए। वह साल, जब एमआई को ठीक इसी तरह के निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था। उन्होंने सिर्फ चार मैच जीते और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे रहे, लेकिन बुमराह को सभी 14 मैच खेलने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने उपलब्ध 56 ओवरों में से 53.2 ओवर गेंदबाजी की। उन्होंने 15 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 7.15 रही।
इसमें कोई शक नहीं कि ये आंकड़े शानदार थे, लेकिन उसके बाद जो हुआ वह न सिर्फ बुमराह के लिए, बल्कि भारतीय टीम के लिए भी एक बुरे सपने जैसा था। बेमतलब के मैचों में पूरी जान लगाकर गेंदबाजी करने की वजह से बुमराह को पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया। वह 11 महीने तक खेल से बाहर रहे और भारत अपनी गेंदबाजी के मुख्य हथियार के बिना इंग्लैंड से टी20 विश्व कप का सेमीफ़ाइनल 10 विकेट से हार गया।
2025 में बुमराह को पीठ की चोट फिर से उभर आई और वापसी के बाद से वह अपने वर्कलोड मैनेजमेंट पर बहुत ज्यादा जोर देते हैं। इसी वजह से भारत के सभी फॉर्मेट के इस माहिर खिलाड़ी ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ दो अहम टेस्ट मैचों से नाम वापस ले लिया था, जबकि सीरीज का नतीजा दांव पर लगा हुआ था।
यह बात भारतीय क्रिकेट का कामकाज संभालने वाले सभी लोगों को कुछ ज्यादा रास नहीं आई और अब तो ऐसी चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं कि मैनेजमेंट चाहता है कि बुमराह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के बाकी बचे मैचों के इस चक्र में भारत के सभी 9 मैच खेलें। इसके अलावा, अक्टूबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका में वनडे विश्व कप भी होना है और बुमराह ने 2023 के विश्व कप फाइनल के बाद से 50 ओवरों का एक भी मैच नहीं खेला है।
इस सीजन में क्रिकेट काफी ज्यादा है और बुमराह को सभी फॉर्मेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए यह सुनिश्चित करते हुए कि उनके शरीर को कोई चोट न पहुंचे पर्याप्त आराम मिलना बेहद जरूरी है। व्यावहारिक नजरिए से देखा जाए तो, इस चैंपियन खिलाड़ी को सोमवार से जब एमआई बनाम एलएसजी का मुकाबला होगा, तब से लेकर आईपीएल के अंत तक आराम करना चाहिए, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या मुंबई इंडियंस इस बात पर ध्यान दे रही है?