IPL ticket black marketing 2026: IPL 2026 में टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम (दिल्ली) में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और आरसीबी (RCB) के मैच के दौरान 80,000 रुपये तक में टिकट बेचे गए, जिसमें दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान डीडीसीए (DDCA) के एक बड़े अधिकारी का नाम सामने आ रहा है।
IPL ticket black marketing 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अपने पसंदीदा सितारों को लाइव देखने के लिए फैंस किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। लेकिन इसी दीवानगी का फायदा उठाकर कुछ लोग करोड़ों का काला खेल खेल रहे हैं। आईपीएल 2026 में टिकटों की भयंकर कालाबाजारी (Black Marketing) को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने क्रिकेट प्रशासन की नींद उड़ा दी है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे काले कारोबार के पीछे कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) का ही एक टॉप अधिकारी शामिल है। आरोप है कि यह अधिकारी 1000 से ज्यादा मुफ्त मिलने वाले कॉम्पलीमेंट्री टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग में सीधा शामिल था। इनमें से कुछ टिकट तो पूरे 80,000 रुपये तक में बेचे गए हैं।
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के पास से टिकट ब्लैक में बेचते हुए चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुकीम (35 साल), गुफरान (36 साल) और मोहम्मद फैसल (38 साल) शामिल हैं। ये तीनों स्टेडियम के बाहर खड़े होकर मुफ्त वाले VIP पास और टिकटों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। जब पुलिस ने इनसे सख्ती से पूछताछ की, तो एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले पंकज यादव का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने तुरंत दबोच लिया। और जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो इस रैकेट के तार सीधे DDCA के एक शीर्ष अधिकारी से जाकर जुड़ गए।
यह पूरा मामला पिछले महीने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) के बीच हुए मुकाबले के दौरान का है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मैच में कौन सा खिलाड़ी खेल रहा है, इस आधार पर टिकटों के रेट तय किए जाते थे। जैसे-जैसे मैच का समय पास आता, ये लोग टिकटों की कीमत बढ़ा देते थे। पुलिस सूत्र ने बताया, 'चूंकि इस मैच में विराट कोहली खेलने वाले थे, इसलिए फैंस के बीच गजब का क्रेज था। इसी का फायदा उठाकर मैच से ठीक पहले एक-एक टिकट जो आमतौर पर 8,000 रुपये का था, उसे ब्लैक में 80,000 रुपये तक में बेचा गया।'
जांच में यह भी सामने आया है कि यह एक पूरा संगठित नेटवर्क है जो बेहद शातिर तरीके से काम करता है। ये लोग हर मैच में लगभग 1,000 टिकटों की हेराफेरी करके उन्हें ब्लैक मार्केट में उतार देते हैं। सिस्टम की इस बड़ी चूक और कमियों का फायदा उठाकर ये लोग करोड़ों रुपये कमा रहे थे। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।