Legendary cricket umpire Dickie Bird: डिकी बर्ड ने यॉर्कशायर और लीसेस्टरशायर के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला, लेकिन एक अंपायर के रूप में उनके करियर के लिए उन्हें सबसे ज्यादा जाना जाता है।
Cricket umpire Dickie Bird died: इंग्लैंड के दिग्गज अंपायर डिकी बर्ड का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब की ओर से बुधवार को इसकी पुष्टि की गई। हेरोल्ड बर्ड, जिन्हें डिकी के नाम से भी जाना जाता है, 1973-1996 तक अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में यकीनन दुनिया के सबसे प्रसिद्ध अंपायर रहे।
सोशल मीडिया पर यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब ने लिखा, ''यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब हेरोल्ड डेनिस "डिकी" बर्ड के निधन की घोषणा करता है। जोकि क्रिकेट की सबसे प्रिय शख्सियतों में से एक थे, जिनका निधन 92 साल की उम्र में घर पर हुआ है।'
क्लब ने अपने जारी बयान में कहा है कि यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब में हर किसी की संवेदनाएं इस समय डिकी के परिवार और दोस्तों के साथ हैं। क्लब के सभी लोग वास्तव में उनकी कमी महसूस करेंगे, जिन्होंने यहां सभी के समर्थन में अविश्वसनीय समय बिताया है और उन्हें यॉर्कशायर के इतिहास के सबसे महान में से एक के रूप में याद किया जाएगा।'
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भी उनके निधन पर शोक जताया है और कहा है, "ईसीबी में हर कोई डिकी बर्ड के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी है।
अप्रैल 1933 में बार्न्सले में जन्मे डिकी बर्ड ने टीवी आइकन माइकल पार्किंसन और इंग्लैंड के जेफ्री बॉयकॉट के साथ क्लब क्रिकेट खेला। उन्होंने यॉर्कशायर और लीसेस्टरशायर के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला, लेकिन एक अंपायर के रूप में उनके करियर के लिए उन्हें सबसे ज्यादा जाना जाता है।
उन्होंने 1970 में काउंटी स्तर पर अंपायरिंग शुरू की और 1973 में हेडिंग्ले में इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में अंपायरिंग की। मशहूर अंपायर डिकी बर्ड 1973-96 तक कुल 66 टेस्ट और 1973-95 तक 69 एक वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की। क्रिकेट जगत में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1996 में अपने अंतिम टेस्ट से पहले डिकी बर्ड को इंग्लैंड और भारत के खिलाड़ियों की ओर से लॉर्ड्स में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था।
डिकी बर्ड ने 1973 से 1996 के बीच तीन वर्ल्ड कप फाइनल में अंपायरिंग की थी, जिसमें 1983 में भारत और वेस्टइंडीज फाइनल मुकाबला भी शामिल है। 1983 वर्ल्ड कप फाइनल में वेस्टइंडीज ने टॉस जीता और भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। 60 ओवर वाले मुकाबले में भारत ने 54.4 ओवर में 183 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी और वेस्टइंडीज की पूरी टीम को 52 ओवर में 140 रन पर रोक पहली बार वर्ल्ड कप खिताब पर कब्जा जमाया था।