
Mohammad Kaif on Harshit Rana: भारत को दूसरे वनडे में दो विकेट से हार का सामना करना पड़ा है, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है और अब अंतिम मैच शनिवार को सिडनी में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों में चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को मौका नहीं देने के चलते हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल आलोचकों के निशाने पर हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टीम प्रबंधन से हर्षित राणा या नितीश कुमार रेड्डी में से किसी एक को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही गंभीर के चहेते कहे जाने वाले हर्षित की गेंदबाजी पर भी सवाल उठाए हैं।
कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर हर्षित राणा की गेंदबाजी क्षमता पर संदेह जताया और उनकी गेंदबाजी में कमी की ओर इशारा किया। कैफ ने कहा कि मैं हर्षित राणा को बहुत फॉलो करता हूं, लेकिन उनकी गेंदबाजी में कोई खास ताकत नहीं है। ऐसा नहीं है कि उनकी आउटस्विंगर या इनस्विंगर अच्छी है। सिराज या बुमराह की बात करें तो उनकी अपनी खूबियां हैं, जैसे उनकी यॉर्कर, तेज या धीमी।
उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि हर्षित राणा की ताकत क्या है? ऐसा नहीं है कि वह 140 से ज़्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। राणा या रेड्डी में से किसी एक को खिलाएं, क्योंकि दोनों एक साथ नहीं खेल सकते। कुलदीप यादव को बाहर बिठाना साफ तौर पर अन्याय है। कैफ ने आगे बताया कि जब ज़रूरी रन रेट ज़्यादा होता है तो राणा प्रभावी प्रदर्शन करते हैं, लेकिन जब बल्लेबाज ज़्यादा तेज रुख अपनाते हैं तो उन्हें दिक्कत होती है। जब जरूरी रन रेट 9 या 10 रन प्रति ओवर होता है तो हर्षित राणा प्रभावी होते हैं, क्योंकि उनकी ताकत गति में बदलाव है।
कैफ ने आगे कहा कि जब बल्लेबाज टेस्ट क्रिकेट की तरह खेल रहे हों और जब जरूरी रन रेट लगभग 5 या 6 रन प्रति ओवर हो, तो गेंदबाज को तीसरे गियर में बल्लेबाज को चकमा देने के लिए ज़्यादा कौशल दिखाने होंगे। एडम जम्पा के मैच जिताऊ स्पेल का उदाहरण देते हुए कैफ ने कहा कि कुलदीप को टीम में न रखना भारत को भारी पड़ा। जम्पा ने चार विकेट लिए और एडिलेड में उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
उन्होंने कहा कि अगर कुलदीप टीम में होते तो मैं आपको 100 प्रतिशत गारंटी देता हूं कि भारत यह मैच जीत जाता। जब जम्पा आकर कुछ बड़े नामों को आउट करके खेल बदल सकते हैं, जब पिच से ग्रिप और टर्न मिल रहा था। सोचिए कि कुलदीप इस अनुभवहीन ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम के खिलाफ क्या कर सकते थे? ये करो या मरो का मुकाबला था, आपने उन्हें नहीं खिलाया। वहीं, जम्पा, जो पिछले मैच में भी नहीं थे, वापसी करके मैन ऑफ द मैच बने। कुलदीप यादव एडम जम्पा से हजार गुना बेहतर गेंदबाज हैं।