
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने नवंबर 2024 में ही चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन अब उन्होंने अचानक रिटायरमेंट लेने के अपने फैसले से यूटर्न ले लिया है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी उनके इस फैसले का सपोर्ट करते हुए कहा है कि नबी के लिए उम्र तो महज एक संख्या है। अब वह अपने बेटे हसन ईशाखिल के साथ अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट खेलने का सपना पूरा करना चाहते हैं।
एसीबी ने पहले पुष्टि की थी कि नबी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास लेना चाहते हैं। फिर मोहम्मद नबी ने हाल ही में आईसीसी से बातचीत में कहा कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भी इस फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगे, ताकि अपने 18 वर्षीय बेटे के साथ देश के लिए खेल सकें। बता दें कि नबी के बेटे ने 2024 में आयोजित अंडर-19 वर्ल्ड कप में बतौर सलामी बल्लेबाज खेले, लेकिन 4 मैचों में सिर्फ 43 रन ही बना सके।
आईसीसी से बातचीत में मोहम्मद नबी ने कहा कि ये मेरा आखिरी वनडे टूर्नामेंट नहीं है। मैं शायद आगे कम वनडे खेलूंगा और युवाओं को अनुभवी बनाने का प्रयास करूंगा। मैंने सीनियर्स से इस संबंध में चर्चा की है और उच्च स्तरीय खेलों में शायद ये हम देखेंगे। ये मेरी फिटनेस पर निर्भर करेगा। मेरा सपना है कि देश के लिए अपने बेटे के साथ खेलूं। उम्मीद है कि हम इसे पूरा करेंगे। वह बहुत कड़ी मेहनत करता है और मैं भी उसे प्रेरित कर रहा हूं।
नबी ने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि वह अपने टारगेट खुद बनाए, अगर वह उच्च स्तरीय क्रिकेटर बनना चाहता है तो उसे कड़ी मेहनत करनी होगी। 50-60 ही नहीं... 100 से अधिक रन भी बनाने होंगे। जब वह मुझसे बात करता है तो मैं उसे आत्मविश्वास देने का प्रयास करता हूं। बता दें कि मोहम्मद नबी ने अफगानिस्तान के लिए वनडे डेब्यू 2009 में स्कॉटलैंड के खिलाफ किया था। उन्होंने अपने पहले ही वनडे में फिफ्टी भी जड़ी थी।