शमी ने खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आईपीएल में कोई भी भारतीय गेंदबाज मेरे करीब नहीं आता। पिछले 5-6 सालों के आंकड़े देख लीजिए, मेरे नाम करीब 130 विकेट हैं। फिर भी मुझे टी20 का गेंदबाज नहीं माना जाता। आखिर एक गेंदबाज से और क्या उम्मीद की जाती है? यह गुस्सा नहीं, बल्कि दर्द है।"
Mohammed Shami's Swipe At Critics: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद चयनकर्ता उन्हें अभी तक टीम में जगह नहीं दे रहे हैं। आमतौर पर शमी बहुत कम बोलते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जो कहा, वह सुनकर हर क्रिकेट प्रेमी के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस अनुभवी गेंदबाज के साथ हो क्या रहा है?
यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में शमी ने खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आईपीएल में कोई भी भारतीय गेंदबाज मेरे करीब नहीं आता। पिछले 5-6 सालों के आंकड़े देख लीजिए, मेरे नाम करीब 130 विकेट हैं। फिर भी मुझे टी20 का गेंदबाज नहीं माना जाता। आखिर एक गेंदबाज से और क्या उम्मीद की जाती है? यह गुस्सा नहीं, बल्कि दर्द है।"
शमी का कहना है कि टी20 क्रिकेट में उनके आंकड़े सबसे बेहतरीन हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इस फॉर्मेट में दूसरों जितनी इज्जत और सम्मान नहीं मिल पा रहा है। 33 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने सालों तक भारत की टेस्ट और वनडे टीमों में अहम भूमिका निभाई है। खासतौर पर 2023 वनडे विश्व कप में उनका प्रदर्शन कमाल का रहा, जहाँ उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेकर अपनी काबिलियत साबित की।
हालांकि, भारत की टी20 टीम में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर बहस छिड़ जाती है। शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टी20 मैच पिछले साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। उसके बाद से उन्हें टी20 फॉर्मेट में कोई मौका नहीं मिला है।
पॉडकास्ट में शमी की इन टिप्पणियों ने भारत की टी20 टीम चयन नीति और अनुभव बनाम युवा गेंदबाजों के बीच संतुलन को लेकर चल रही बड़ी बहस को फिर से सामने ला दिया है। चयनकर्ता टी20 के लिए ज्यादातर युवा तेज गेंदबाजों को प्राथमिकता देते रहे हैं, लेकिन शमी के आईपीएल और फ्रैंचाइजी क्रिकेट के आंकड़े साफ बताते हैं कि वह अभी भी देश के सबसे असरदार तेज गेंदबाजों में शामिल हैं।
पिछले साल जून के बाद से शमी ने भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में कोई मैच नहीं खेला है। इसके बावजूद वे घरेलू क्रिकेट और फ्रैंचाइजी लीग में पूरी मेहनत और जोश के साथ खेल रहे हैं, इस उम्मीद के साथ कि जल्द ही चयनकर्ता उन्हें फिर से भारतीय टीम में मौका देंगे।