क्रिकेट

शास्त्री ने की मोहम्मद सिराज की जमकर तारीफ, बोले-पिता खोया, नस्लीय फब्तियां झेलीं लेकिन फिर भी बने रहे टीम की धुरी

-भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने शुक्रवार को दिल खोलकर की मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी प्रदर्शन की तारीफ।-शास्त्री ने कहा कि सिराज ऑस्ट्रेलिया दौरे की खोज हैं। उन्होंने हर अच्छे पल के दौरान अपने पिता को याद किया।-सिराज ने इस सीरीज के दौरान पिता को खोया, नस्लीय फब्तियां झेलीं, लेकिन इन सबके बावजूद वह टीम की धुरी बने रहे।
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Jan 23, 2021
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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने शुक्रवार को तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की जमकर तारीफ की और कहा कि सिराज ऑस्ट्रेलिया दौरे की खोज हैं। शास्त्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘बॉलिंग अटैक की जिम्मेदारी सिराज ने जिस तरह से निभाई। उस लिहाज से वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए खोज हैं। सिराज ने पिता को खोया, नस्लीय फब्तियां झेलीं लेकिन इन सबके बावजूद वह टीम की धुरी बने रहे।‘

सिराज ने एक पारी में लिए 5 विकेट
सिराज ने ऑस्ट्रेलिया के साथ आयोजित चार मैचों की टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 13 विकेट हासिल किए। ब्रिस्बेन में खेले गए निर्णायक टेस्ट में सिराज ने एक पारी में पांच विकेट हासिल किए। सिराज एवं दूसरे युवा भारतीयों के शानदार प्रदर्शन के बूते भारतीय टीम 2-1 से सीरीज अपने नाम कर इतिहास रचने में सफल रही।

सिराज ने हर पल किया पिता को याद
ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद सिराज गुरुवार को अपने घर हैदराबाद पहुंचे। घर पहुंचकर सिराज सबसे पहले अपने पिता की कब्र पर गए, जिनका निधन उस समय हो गया था। जब सिराज ऑस्ट्रेलिया में थे। कठिन क्वारंटीन नियमों के कारण सिराज अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए स्वदेश नहीं आ सके थे। पूरी सीरीज के दौरान सिराज ने हर अच्छे पल के साथ अपने पिता को याद किया।

ऑटो चालक के बेटे हैं सिराज
ब्रिस्बेन में खेले गए अंतिम टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले जब राष्ट्रगान बजा था तब वह गमगीन हो गए थे। इसी मैच में सिराज ने जब पांच विकेट लिए तब भी उन्होंने हाथ ऊपर करते हुए अपने पिता को याद किया। सिराज के पिता मोहम्मद गौस पेशे से ऑटोरिक्शा चालक थे। अपने बेटे को एक सफल क्रिकेटर बनाने के लिए गौस ने काफी मेहनत और त्याग किया था लेकिन जब उनका बेटा देश के लिए शीर्ष स्तर पर खेला तब वह इस दुनिया में नहीं थे।

खो दिया सबसे बड़ा सपोर्ट
अपने पिता को खुद का सबसे बड़ा सपोर्ट बताते हुए कहा, ‘मेरे पिता की हमेशा से ही यही इच्छा थी कि मेरे बेटे देश का नाम रोशन करना और वो मैं जरूर करूंगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ा झटका है। मैंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सपोर्ट खो दिया है। यह उनका सपना था कि मैं देश के लिए खेलूं और मैं खुश हूं कि मैंने इस बात को समझा और उनको खुश होने का मौका दिया।

Updated on:
23 Jan 2021 12:37 am
Published on:
23 Jan 2021 12:32 am
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