Morne Morkel Pre Match Conference: भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट से पहले बताया कि बार-बार अर्शदीप सिंह को बाहर क्यों जाता है? उन्होंने कहा कि टी20 विश्व कप में अब काफी कम समय बचा है। इसलिए वह अपने सभी विकल्पों आजमाना चाहते हैं।
Morne Morkel Pre Match Conference: भारत गुरुवार 6 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वींसलैंड में चौथा टी20 मुकाबला खेलने उतरेगा। इससे पहले बुधवार को भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अर्शदीप सिंह को बार-बार प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने मौजूदा सीरीज में तीन में से सिर्फ एक मैच में हिस्सा लिया है। इससे पहले भी कई बार उन्हें नजरअंदाज किया जा चुका है। मोर्कल से जब इस सवाल का जवाब पूछा गया तो उन्होंने इसके पीछे की वजह का खुलासा किया।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले पत्रकारों से बात करते हुए मोर्कल ने दावा किया कि 2026 के टी20 विश्व कप के लिए अब सीमित समय बचा है। इसलिए टीम मैनेजमेंट ये देखना चाहता है कि खिलाड़ी दबाव में कुछ परिस्थितियों में कैसी प्रतिक्रिया देते हैं? उन्होंने कहा कि विश्व कप नजदीक होने के कारण टीम के लिए ज़रूरी है कि वह बाद में पछताने के बजाय सभी संयोजनों को पहले ही आजमा ले।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि विश्व कप नजदीक होने के कारण आप कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। आप दो साल बाद बैठकर यह नहीं कहना चाहेंगे कि काश हमने ऐसा करने की कोशिश की होती या इस संयोजन को थोड़ा और समय दिया होता तो यह डेवलप हो जाता। इसलिए हां, मुझे लगता है कि यह समझदारी से खेलने की बात है।
अर्शदीप सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में अपने 4 ओवरों के कोटे में 35 रन देकर तीन अहम विकेट हासिल किए थे। उनके नाम 66 टी20 मैचों में 104 विकेट दर्ज हैं। वह क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में 100 विकेट का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं। अपनी योग्यता के बावजूद उन्हें पहले और दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। इस मुद्दे पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीति पर सवाल उठाए।
मोर्केल ने आगे कहा कि हम बस अर्शदीप को कड़ी मेहनत करने और प्रयास करने के लिए कहते रहते हैं और जब भी उन्हें मौका मिले उसके लिए तैयार रहने के लिए कहते हैं। टी20 विश्व कप से पहले अब सीमित मैच हैं, इसलिए हमारे लिए यह देखना जरूरी है कि खिलाड़ी दबाव में कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। अन्यथा, यह मुद्दा हमारे लिए अज्ञात रहेगा। इसलिए इस तरह के मैच खेलना और फिर भी जीतने की मानसिकता रखना जरूरी है।