
New Zealand vs India: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला गया। वर्षा बाधित इस मुकाबले को भारत ने डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर 5 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड 40.2 ओवर में 185 रन पर ऑलआउट हो गई थी। लक्ष्य का पीछा करने के दौरान बारिश ने दो बार खलल डाला, जिसकी वजह से भारत को 32 ओवर में 143 रन का संशोधित लक्ष्य मिला। भारत ने इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। उधर, न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने अपनी टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए हार की वजह बताई।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने मैच की समाप्ति के बाद कहा, 'पिच पर गेंद को उछाल मिल रही थी। ईडन पार्क की पिच हमारी उम्मीद से कही ज्यादा तेज थी। मुझे लगता है कि हम परिस्थितियों के मुताबिक, खुद को ढाल नहीं पाए, जितना हमें ढालना चाहिए था। इसके अलावा, भारत की गेंदबाजी शानदार रही। मुझे लगता है कि हम खुद को मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक ढाल नहीं पाए, जितना हमें ढालना चाहिए था।'
ईडन पार्क में उछाल भरी गेंद को ढालने की चुनौती पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ईडन पार्क में गेंद के उछाल का सामना काफी मुश्किल था। हालांकि जिस तरह उन्होंने (भारतीय बल्लेबाजों) उछाल का बेहतर इस्तेमाल किया, इसके लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए। भारतीय बल्लेबाजों ने छोटी गेंदों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया। खासतौर पर श्रेयस अय्यर छोटी गेंदों को फाइन दिशा में खेलने की कोशिश कर रहे थे। बारिश के बाद गेंद अच्छी तरह स्किड होकर बल्ले पर आने लगी। इसलिए मैदान पर कुछ छोटी गेंदें देखने को मिलीं।
मिचेल सैंटनर के विश्लेषण के उलट भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद कहा, आज के मैच में भारत की फील्डिंग और बॉलिंग अच्छी रही। रोहित शर्मा के उस रन आउट (डेरिल मिचेल) ने मुझे लगता है कि मैच का रुख ही बदल दिया। मिचेल और ग्लेन फिलिप्स के बीच हुई साझेदारी काफी अहम थी। हमने भारत में भी देखा था कि इन दोनों बल्लेबाजों ने वहां शानदार बल्लेबाजी की थी। कुल मिलाकर, यह हमारी टीम का बेहतरीन सामूहिक प्रदर्शन रहा।
अंशुल कंबोज को जमकर तारीफ करते हुए शुभमन गिल ने कहा, 'अंशुल ऐसे गेंदबाज हैं, जो इस तरह की परिस्थितियों के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। उनके पास हमेशा अच्छी गति रहती है और वह गेंद को सीम कराने की कोशिश करते हैं। पुरानी गेंद से भी वह अच्छी गेंदबाजी करते हैं। हमें लगा था कि जब पिच से गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिल रही होगी, तब गुरनूर अपनी अतिरिक्त उछाल और गति से बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। आज इन दोनों ने जिस तरह की गेंदबाजी की, उसे देखना वाकई शानदार था।'