अगर फील्डिंग टीम कैच के लिए रिव्यू लेती है, तो अंपायर स्वतः यह नहीं देखेंगे कि गेंद वाइड थी या नहीं। वाइड की जांच तभी होगी जब बल्लेबाजी टीम अलग से रिव्यू का अनुरोध करे।
BCCI DRS referrals Rule, IPL 2026: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टीमों को साफ कर दिया है कि डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) रेफरल के दौरान अब अंपायर खुद से दोबारा जांच नहीं करेगा। यानी किसी भी रिव्यू की सीमा केवल अपील के मूल बिंदु तक ही रहेगी। अतिरिक्त जांच तभी की जाएगी, जब दूसरी टीम निर्धारित समय के भीतर रिव्यू का विकल्प चुने। इससे पहले रिव्यू के दौरान अंपायर वाइड से लेकर कैच तक की जांच करते थे।
उदाहरण के तौर पर, अगर फील्डिंग टीम कैच के लिए रिव्यू लेती है, तो अंपायर स्वतः यह नहीं देखेंगे कि गेंद वाइड थी या नहीं। वाइड की जांच तभी होगी जब बल्लेबाजी टीम अलग से रिव्यू का अनुरोध करे। क्रीकबज की रिपोर्ट के अनुसार, 27 मार्च को बीसीसीआई के विशेषज्ञों ने एक विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए खेल की शर्तों के तहत कुछ खास उदाहरण टीमों के सामने रखे। इसी दौरान वाइड चेक के नियमों को भी समझाया गया।
प्रेजेंटेशन में दिखाए गए एक वीडियो में गेंदबाज एक शॉर्ट बॉल डालता है और कैच की अपील करता है। अंपायर अपील को नकार देते हैं और फील्डिंग टीम रिव्यू लेती है। रीप्ले में साफ दिखता है कि गेंद बल्ले से काफी ऊपर निकल गई, यानी बल्ले से कोई संपर्क नहीं था। इस स्थिति में बीसीसीआई के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि हाइट वाइड की जांच अपने आप नहीं होगी।
अब यह जांच तभी संभव होगी जब बल्लेबाजी टीम निर्धारित 15 सेकंड के भीतर रिव्यू ले। बल्लेबाज को कोई अतिरिक्त 15 सेकंड नहीं दिए जाएंगे। तर्क यह है कि बल्लेबाजी पक्ष को मैदान पर हो रही घटनाओं की पूरी जानकारी होती है।
गौरतलब है कि BCCI के मैच रेफरी प्रमुख जवागल श्रीनाथ और अंपायरिंग प्रमुख नितिन मेनन ने हाल ही में बीसीसीआई कार्यालय में आयोजित कप्तानों की बैठक में इन नियमों की विस्तार से जानकारी दी थी।
इनिंग्स टाइमर और 60 सेकंड क्लॉक:
तीसरी गेंद के बाद और हर ओवर की समाप्ति पर लीनियर स्कोरबोर्ड पर इनिंग्स टाइमर दिखाया जाएगा। प्रत्येक ओवर के बाद बड़े स्क्रीन पर 60 सेकंड का काउंटडाउन भी प्रदर्शित होगा। अगर गेंदबाज समय पर रन-अप के लिए तैयार नहीं होता, तो मैदानी अंपायर दो बार चेतावनी देंगे। तीसरी बार ऐसा होने पर बल्लेबाजी टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे।
कंकशन रिप्लेसमेंट:
कंकशन (सिर की चोट) की स्थिति में नामित सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों में से समान भूमिका वाले खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जा सकता है। अगर विकेटकीपर को कंकशन होती है, तो उपलब्ध स्क्वाड में से रिप्लेसमेंट की अनुमति होगी। यदि कोई विदेशी खिलाड़ी चोटिल होता है और टीम पहले से चार विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेल रही है, तो उस स्थिति में नामित भारतीय सब्स्टीट्यूट से रिप्लेसमेंट ली जा सकती है।
टीम शीट:
टॉस के बाद टीम शीट वितरित की जाएंगी। दोनों कप्तान बल्लेबाजी और गेंदबाजी पक्ष की एक-एक शीट अपने पास रखेंगे। टॉस का परिणाम आते ही कप्तान अपनी टीम शीट मैच रेफरी को सौंपेंगे। दोनों टीम मैनेजर आपस में शीट का आदान-प्रदान करेंगे और शेष 10 प्रतियां असिस्टेंट वेन्यू मैनेजर को दी जाएंगी।