-कपिल देव ने 30 जनवरी को डॉन अरूणाश्री का विकेट लेकर की थी सर रिचर्ड हैडली के रिकॉर्ड की बराबरी।-इस मैच में मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 108 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम इंडिया को दिलाई थी जीत।-इस मैच में नवजोत सिद्धू 99 और सचिन तेंदुलकर 96 दोनों ही शतक से चूक गए थे।
नई दिल्ली। भारत को वर्ष 1983 में वर्ल्ड कप विजेता बनाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव (kapil dev) के लिए 30 जनवरी का दिन बहुत ही खास है। इस दिन उन्होंने एक खास मुकाम बनाया था। दरअसल, कपिल देव ने 30 जनवरी को सर रिचर्ड हैडली (richard hadlee record) के 431 टेस्ट विकेट लेने की रिकॉर्ड की बराबरी की थी। यह मुकाम कपिल ने बैंगलोर में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैच में डॉन अरूणाश्री के विकेट के साथ हासिल किया था।
एकतरफा हुई थी भारत की जीत
भारत और श्रीलंका के बीच हुए मुकाबले में टीम इंडिया की लगभग एक तरफा जीत हुई थी। भारत ने इस मैच की पहली पारी में 541 रनों का स्कोर किया, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 231 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया, जिसके बाद श्रीलंका 215 रनों पर आउट हो गई थी। भारत ने अंत में इस मैच को पारी और 95 रनों से जीत लिया था।
अजहरुद्दीन ने ठोका था शानदार शतक
श्रीलंका के खिलाफ इस जीत में भारत की और से मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शानदार शतक जड़ा था। उन्होंने 108 रनों की अहम पारी खेलते हुए भारत को जीत दिलाई। जबकि नवजोत सिद्धू 99 और सचिन तेंदुलकर 96 दोनों शतक से चूक गए थे।
1983 में भारत को दिलाया पहला विश्वकप
कपिल देव भारतीय टीम के ऐसे कप्तान के रूप में पहचाने जाते हैं, जिन्होंने 1983 में वेस्टइंडीज को हराकर विश्व कप जीता था। भारत ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए थे। जवाब में वेस्टइंडीज की पूरी पारी 140 रनों पर सिमट गई थी।