15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारतीय टीम को 175/7 के स्कोर पर रोकने के बाद पाकिस्तानी टीम 18 ओवर में सिर्फ 114 रन पर सिमट गई थी।
Pakistan Cricket Team in T20 World Cup 2026: पाकिस्तान क्रिकेट टीम बुधवार को कोलंबो में नामीबिया के खिलाफ ‘करो या मरो’ का मैच खेलने उतरेगी। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्डकप 2026 के 35वें मुकाबले में पाकिस्तान प्लेइंग इलेवन में बदलाव के साथ उतर सकता है। ग्रुप-ए की पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान 3 में से 2 मैच जीतकर तीसरे स्थान पर है। भारत इस ग्रुप से सुपर 8 के लिए क्वालीफाई कर चुका है। ऐसे में यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स फिलहाल सुपर 8 में पहुंचने की रेस में बने हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को एसएससी ग्राउंड पर टीम की प्रैक्टिस के दौरान पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा और हेड कोच माइक हेसन के बीच लंबी बातचीत हुई। सूत्रों ने टेलीकॉमएशियाडॉटनेट को बताया, “साफ तौर पर बातचीत दो मुख्य और अनुभवी खिलाड़ियों (शाहीन शाह अफरीदी और बाबर आजम) के बाहर होने की संभावना के साथ संभावित बदलावों के इर्द-गिर्द थी।” शाहीन अफरीदी फिटनेस और फॉर्म से जूझ रहे हैं। उन्होंने 3 मुकाबलों के सिर्फ 9 ओवरों में 101 रन दिए हैं। अफरीदी ने भारत के खिलाफ 2 ओवरों में 31 रन लुटाए थे।
सूत्रों के अनुसार बातचीत में कहा गया, “सबसे अच्छा तरीका यह है कि शाहीन को फिटनेस के आधार पर ड्रॉप कर दिया जाए, क्योंकि वह भारत के खिलाफ मैच के दौरान लगातार अपने बाएं घुटने की कैप को ठीक कर रहे थे। उन्हें प्रैक्टिस के दौरान लंगड़ाते हुए भी देखा गया था। जहां तक बाबर की बात है, मैनेजमेंट उन्हें चौथे नंबर पर बल्लेबाजी कराने के बजाय पारी की शुरुआत करने के लिए प्रमोट करने पर विचार कर रहा था।”
15 फरवरी को कोलंबो में भारतीय टीम को 175/7 के स्कोर पर रोकने के बाद पाकिस्तानी टीम 18 ओवरों में महज 114 रन पर सिमट गई थी। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी भी टीम की 61 रन की बड़ी हार से नाराज थे और छठा विकेट गिरने के बाद प्रेमदासा स्टेडियम से चले गए थे।
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “नकवी ने बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के विरोध में मैच के बॉयकॉट पर कड़ा रुख अपनाया था, जिस पर भारतीय मीडिया में उनकी काफी आलोचना हुई। वह भारत के खिलाफ हार से परेशान थे। नकवी भारत-पाक मैच के बाद हेसन और टीम मैनेजर नवीद चीमा से मिले और उन्हें निर्देश दिया कि जो भी खिलाड़ी खराब प्रदर्शन कर रहा हो, उसे हटा दें। वह चाहते थे कि टीम बेहतर प्रदर्शन करे और लड़ने की भावना के साथ खेले।”