Kevin Pietersen और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान Andrew Strauss के बीच आईपीएल में खेलने को लेकर हुआ था विवाद।
लंदन : अपने समय के आक्रामक और इंग्लैंड के सबसे अच्छे माने जाने वाले बल्लेबाज केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) का करियर इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ( Andrew Strauss) के साथ विवाद के कारण असमय खत्म हो गया था। पीटरसन ने अपनी आत्मकथा में लिखा था कि जब उन्हें जरूरत थी, तब स्ट्रॉस ने उनका समर्थन नहीं किया था। अब इस बात को स्ट्रॉस ने भी माना है। उन्होंने माना कि वह पीटरसन से जुड़े मुद्दे को बेहतर तरीके से हैंडल नहीं कर पाए थे।
टीम से बाहर होने पर पीटरसन ने ले लिया था संन्यास
एंड्रयू स्ट्रॉस के साथ मतभेद गहरा जाने के कारण केविन पीटरसन को टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद पीटरसन ने बिना देर किए 2014 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अब इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने इस बात को स्वीकार किया कि वह पीटरसन के मुद्दों को ठीक तरह से नहीं सुलझा पाए थे। उन्होंने कहा कि अनुशासन का पूरी तरह से पालन नहीं करने के बावजूद पीटरसन को मौका मिलना चाहिए था।
आईपीएल में खेलने को लेकर हुआ था विवाद
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की आईपीएल नीति को लेकर स्ट्रॉस और पीटरसन में काफी विवाद हुआ था। स्ट्रॉस ने कहा कि आईपीएल को लेकर उनकी पीटरसन के साथ हमेशा सहानुभूति रही है, उन्हें समझ में आ गया था कि आईपीएल में दुनियाभर के बड़े खिलाड़ी एक साथ खेलते है और वहां खिलाड़ियों को बड़ी रकम दी जाती है। वह इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि आईपीएल खिलाड़ियों के लिए क्यों जरूरी है, लेकिन अगर खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट की जगह आईपीएल को प्राथमिकता देंगे तो इससे गलत उदाहरण पेश होगा। स्ट्रॉस ने कहा कि उन्होंने पीटरसन को भी यही बात समझाई थी।
ईसीबी निदेशक बनने के बाद स्ट्रॉस ने आईपीएल विंडो निकाला
खास बात यह है कि आईपीएल में खेलने को लेकर पीटरसन से भिड़े स्ट्रॉस जब ईसीबी के क्रिकेट निदेशक बने, तब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाड़ियों के लिए आईपीएल में भाग लेने के लिए एक खास कार्यक्रम तैयार किया। इसी कार्यक्रम की वकालत पीटरसन ने लंबे समय तक की थी। स्ट्रॉस ने ईसीबी से कहा था कि एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, क्योंकि यह टीम के लिए बड़ी समस्या बन जाता है।
टेस्ट क्रिकेट सर्वोपरि
पूर्व कप्तान स्ट्रॉस ने हालांकि यह भी कहा कि उन्हें यह भी लगा कि टेस्ट क्रिकेट को छोड़कर खिलाड़ी को आईपीएल में खेलने की छूट देना काफी खतरनाक है। इससे आप युवा खिलाड़ियों को यह सीख दे रहे हैं कि आईपीएल टेस्ट क्रिकेट से ज्यादा जरूरी है। उन्होंने पीटरसन को भी कई बार यह समझाया था कि टेस्ट क्रिकेट सबसे ज्यादा जरूरी है। बता दें कि पीटरसन ने अपनी आत्मकथा में 2014-15 में टीम से बाहर किए जाने का जिक्र करते हुए स्ट्रॉस के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज मैट प्रायर और तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड पर भी निशाना साधा था।