Virat Kohli Test retirement reason 2026: IPL 2026 के बीच विराट कोहली के टेस्ट संन्यास को लेकर किए गए विस्फोटक खुलासे पर रविचंद्रन अश्विन ने उनका खुलकर समर्थन किया है। कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में केकेआर के खिलाफ शानदार शतक जड़ने वाले कोहली ने बताया था कि क्यों हर मैच के बाद खुद को साबित करने के दबाव ने उन्हें इस फैसले के लिए मजबूर किया।
R Ashwin on Virat Kohli remarks: भारतीय क्रिकेट के किंग विराट कोहली जब भी कुछ बोलते हैं, तो क्रिकेट जगत में तहलका मच जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) के पॉडकास्ट पर विराट कोहली ने अपने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने और लगातार मिलने वाली आलोचनाओं को लेकर जो बेबाक बातें कहीं, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। अब इस मुद्दे पर भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली का खुलकर समर्थन किया है और आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
दरअसल, विराट कोहली ने पॉडकास्ट पर स्पोर्ट्स प्रेजेंटर मयंती लैंगर से बात करते हुए साफ कहा था कि करियर के इस पड़ाव पर वह हर नाकामी के बाद बार-बार खुद को साबित करने के मानसिक तनाव से तंग आ चुके थे। इसी वजह से उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
इस पर अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आर अश्विन ने कहा, 'विराट ने कहा कि 'मुझे किसी के सामने खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है' और वह बिल्कुल सही हैं। क्यों भाई? मुझे भी ऐसा ही महसूस हुआ था। अब कुछ भी साबित करना बाकी नहीं रह गया है। इतने सालों तक खेलने और भारत के लिए इतने सारे मैच जीतने के बाद अब उन्हें किसे साबित करना है?'
अश्विन ने समझाया कि जब कोई खिलाड़ी सीनियर हो जाता है, तो उसकी लड़ाई बाहर के लोगों से नहीं बल्कि खुद से होती है। उन्होंने कहा, 'बाहर से लोग क्या कहते हैं, वह सिर्फ उनका काम है। जब आप युवा होते हैं, तो आपके अंदर एक मजबूत इच्छा होती है कि 'मैं तुम्हें गलत साबित करूंगा'। लेकिन परिपक्वता और समझदारी तब आती है जब आपको अहसास होता है कि लड़ाई किसी और से नहीं, बल्कि खुद से है। जिस पल आपको यह समझ आ जाता है, जिंदगी बहुत आसान हो जाती है। मुझे लगता है कि विराट अब उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं। मलाल (Regrets) को पीछे छोड़ना इतना आसान नहीं होता।'
कोहली ने अपनी मानसिक थकान को बयां करते हुए पॉडकास्ट पर यह भी कहा था कि सालों तक हर फॉर्मेट में लगातार परफॉर्म करने के बाद भी जब हर मैच के बाद आपकी वैल्यू पर सवाल उठाए जाते हैं, तो वह बहुत थका देने वाला होता है। कोहली ने कहा था, 'या तो मुझे पहले ही दिन बता दो कि मैं अच्छा नहीं हूं या मेरी जरूरत नहीं है। लेकिन अगर मुझे ऐसा महसूस कराया जाता है कि मुझे लगातार अपनी अहमियत साबित करनी होगी, तो मैं उस माहौल में नहीं रह सकता।'