
ODI World Cup new format: आईसीसी के वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट को लेकर आलोचनाओं का दौर शुरू होग गया है। सबसे बड़ा सवाल वनडे विश्व कप के फॉर्मेट को लेकर है, जिसके तहत एसोसिएट टीमों के मुमाबलों की संख्या घटा दी गई है। नीदरलैंड के मैक्स ओ'डाउड ने इसे किसी भी एसोसिएट या निचले स्तर की टीम के लिए काफी निराशाजनक बताया है। इसी बीच भारतीय पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने नए फॉर्मेट पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेपाल-अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को और ज्यादा मैचों की जरूरत है।
अश्विन ने कहा कि आईसीसी को क्रिकेट को स्थापित देशों से आगे बढ़ाने के लिए और अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संरचनात्मक बदलावों से प्रतिस्पर्धा तो बढ़ेगी, लेकिन अगर इस खेल को ओलंपिक में शामिल होने का अपना सपना पूरा करना है, तो उभरती हुई टीमों के लिए मौके बढ़ाना बहुत जरूरी है।
अश्विन ने आगे कहा कि सिर्फ टूर्नामेंट में सुधार करने से फुल मेंबर और एसोसिएट देशों के बीच का अंतर कम नहीं होगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रतिस्पर्धा के नजरिए से 2027 वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप 2028 के फिक्स्चर फॉर्मेट में आईसीसी के बदलाव सही लगते हैं। हालांकि, अगर अंतिम लक्ष्य खेल को आगे बढ़ाना है, तो उभरते हुए देशों के लिए एक मजबूत रास्ता बनाने की जरूरत है।
अश्विन ने सुझाव दिया कि इंटरनेशनल कैलेंडर में भी बदलाव होना चाहिए, ताकि एसोसिएट टीमों को सिर्फ क्वालिफिकेशन इवेंट तक सीमित रखने के बजाय, उन्हें बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ लगातार खेलने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को सिर्फ क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि और ज्यादा अहम मैचों की जरूरत है। उन्हें उदाहरण के लिए हर द्विपक्षीय सीरीज में तीसरी टीम के तौर पर शामिल किया जा सकता है।
अश्विन ने कहा कि क्रिकेट को ओलंपिक में सफल बनाने के लिए सिर्फ कुछ बड़ी टीमों का मजबूत होना काफी नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पूरे क्रिकेट जगत का सामूहिक विकास जरूरी है, तभी यह खेल ओलंपिक में एक शानदार और यादगार अनुभव बन पाएगा। भारत के पूर्व स्पिनर ने कहा कि प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ाने से अंततः विश्व स्तर पर क्रिकेट को फायदा होगा, खासकर तब जब यह खेल ओलंपिक खेलों में वापसी करने जा रहा है।