प्रेस कॉन्फ्रेंस में पराग ने मीडिया से खास अपील की और कहा कि वैभव को ज्यादा इंटरव्यू या मीडिया अटेंशन से दूर रखा जाए। पराग ने कहा, "उसे बस खेलने दीजिए, वह अभी बच्चा है, उसे अपना गेम एंजॉय करने दें।" पराग ने कहा कि सूर्यवंशी, सैमसन के बाद के दौर में यशस्वी जायसवाल के साथ ओपनिंग करने के लिए तैयार हैं।
पहले सीजन की चैम्पियन टीम राजस्थान रॉयल्स (RR) इस सीजन बदले हुए तेवर में नज़र आएगी। स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन के टीम छोड़ने के बाद यह पहली बार है जब राजस्थान मैदान पर उतरेगा। इस सीजन टीम की कप्तानी रियान पराग के हाथों में सौंपी गई है। गुरुवार को पराग और टीम के हेड कोच कुमार संगकारा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान पराग ने स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पराग ने मीडिया से खास अपील की और कहा कि वैभव को ज्यादा इंटरव्यू या मीडिया अटेंशन से दूर रखा जाए। पराग ने कहा, "उसे बस खेलने दीजिए, वह अभी बच्चा है, उसे अपना गेम एंजॉय करने दें।" पराग ने कहा कि सूर्यवंशी, सैमसन के बाद के दौर में यशस्वी जायसवाल के साथ ओपनिंग करने के लिए तैयार हैं।
पराग ने कहा, "एक कप्तान के तौर पर, मैं उनसे कहूंगा कि ज़्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस न करें, मीडिया से ज़्यादा बातचीत न करें, बस मज़े करें। मैं मीडिया से रिक्वेस्ट करता हूँ, उससे बात करने के लिए उसके मैनेजर को फ़ोन मत करो। उसे अपना क्रिकेट खेलने दो।
पराग ने कहा "इस साल, हाइप और प्रेशर तो होगा ही, लेकिन एक कैप्टन के तौर पर, मैं उससे कहूँगा कि यशस्वी जायसवाल को प्रेशर लेने दो। जायसवाल इसे संभालने में पूरी तरह काबिल है। वैभव के लिए, रोल बस जाना, हिट करना और चिंता न करना होगा।" कप्तानी तक के अपने सफ़र के बारे में सोचते हुए - जो अभी सिर्फ़ 24 साल के आदमी के लिए एक बड़ा कदम है - पराग ने कहा कि उन्होंने उन मुश्किल सालों की "कद्र" की जब उनके साथ "गलत बर्ताव और ट्रोलिंग" हुई, और आज वह जो हैं, उसका क्रेडिट उन अनुभवों को देते हैं।
पराग ने कहा, "2008 के बाद से गेम बदल गया है, इसलिए जडेजा का आरआर के साथ वापस आना हमें उस खास नजरिए से कोई फायदा नहीं देता (क्योंकि वह पहले भी टीम के लिए खेल चुके हैं)। लेकिन जडेजा जैसे खिलाड़ी के होने का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि वह सभी सीजन खेल चुका है, और उसका अनुभव बहुत काम आएगा जब हम उन छोटे-छोटे मौकों को जीतने की कोशिश करेंगे। वह अब हमारी टीम में सबसे अनुभवी आईपीएल खिलाड़ी हैं।"
पराग ने कहा ने आगे कहा, "जडेजा का इतने सालों में चेन्नई में शानदार इकॉनमी रेट रहा है और जयपुर और गुवाहाटी ऐसे विकेट हैं जो एक के बाद एक धीमे और चिपचिपे हैं। और हमारे पास बिश्नोई भी हैं। बिश्नोई और जडेजा का कॉम्बिनेशन हमें वर्ल्ड-क्लास, टॉप क्लास बनाता है। मुझे नहीं लगता कि इन दोनों स्पिनरों के हमारे लिए शुरुआत करने से बेहतर कॉम्बिनेशन मुमकिन है। दोनों के एक साथ बॉलिंग करने से हमें किसी भी सिचुएशन में जीतने में मदद मिल सकती है।"
राजस्थान रॉयल्स के नए कप्तान रियान पराग का मानना है कि संजू सैमसन को भी विराट कोहली और रोहित शर्मा की तरह ही रिप्लेस नहीं किया जा सकता है। आईपीएल 2026 में संजू सैमसन चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। राजस्थान ने संजू के बदले रवींद्र जडेजा और सैम करन को ट्रेड करते हुए टीम से जोड़ा है।
रियान पराग ने कहा, "हम सिर्फ ऐसे खिलाड़ियों को खोजने की कोशिश कर सकते हैं जिनके पास संजू सैमसन जैसी ही स्किल्स हों और जो बैटिंग ऑर्डर में उनके जाने से बनी जगह को भर सकें। ठीक वैसे ही जैसे आप किसी भी इलेवन में विराट कोहली या रोहित शर्मा की जगह नहीं ले सकते, सैमसन की जगह भी कोई नहीं ले सकता।"
रियान ने कहा कि आगामी सीजन में टीम की कोशिश करीबी मुकाबलों में जीत दर्ज करनी की होगी। उन्होंने कहा, "लेकिन क्या हम कुछ नया प्लान करेंगे? इसी पर हम तैयारी के दौरान चर्चा करते रहे हैं। अगर आप पिछले सीजन को देखें, तो हमने 5 से 6 करीबी मैच हारे थे, असल में, कुछ मैच तो आखिरी गेंद पर हारे थे। इस सीजन में अगर वे कुछ मैच हमारे पक्ष में चले जाते हैं, तो फिर हमसे हमारी समस्याओं के बारे में कोई नहीं पूछेगा। 40 ओवर के किसी भी मैच में कुछ ऐसे पल जरूर आते हैं जब आपको सही फैसले लेने होते हैं और मेरा ध्यान इसी बात पर रहेगा, जैसे कौन कहां बैटिंग करेगा, टॉस के समय क्या करना है और अगर हम ऐसा अच्छे से कर पाए, तो यह साल हमारे लिए काफी बढ़िया रहेगा।"
उल्लेखनीय है कि राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन से पहले संजू सैमसन को ट्रेड करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के रवींद्र जडेजा और सैम करन को टीम में शामिल किया है। संजू ने राजस्थान टीम को छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद टीम ने यह फैसला लिया था। आईपीएल 2025 में राजस्थान का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। टीम 14 मुकाबलों में से सिर्फ 4 में ही जीत दर्ज कर सकी थी, जबकि 10 मैच में राजस्थान को हार झेलनी पड़ी थी।