शास्त्री के प्रस्ताव के अनुसार, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान, आयरलैंड और श्रीलंका जैसी टीमें टेस्ट खेलने से चूक जाएंगी, जो अभी तक टेस्ट रैंकिंग में शामिल नहीं हैं।
Ravichandran Ashwin disagree with Ravi Shatri: भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने हालही में टेस्ट क्रिकेट को लेकर एक बयान दिया था। शास्त्री ने कहा था कि टेस्ट क्रिकेट को प्रारूप में केवल शीर्ष छह टीमों तक ही सीमित रखा जाना चाहिए। अब उनके इस बयान पर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने नाराजगी व्यक्त की है। अश्विन का मानना है कि ऐसा करने से आयरलैंड जैसी टीमों को कभी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिलेगा।
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'हाल ही में रवि भाई ने कहा था कि टेस्ट क्रिकेट को एक ऐसा फॉर्मेट बनाना चाहिए जो केवल 3-4 देश ही खेलें। लेकिन जब 3-4 देश खेलेंगे तो आयरलैंड जैसी टीमों को खेलने का मौका नहीं मिलेगा। जब आप टेस्ट क्रिकेट खेलेंगे तभी आपका फ़र्स्ट क्लास स्ट्रक्चर बेहतर होगा। जब आपका फर्स्ट क्लास स्ट्रक्चर अच्छा होगा तभी लोगों को ज्यादा मौके मिलेंगे। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी अपने खेल को टी20 क्रिकेट के हिसाब से ढालते हैं। इस तरह क्रिकेट ने आकार लिया है।'
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अश्विन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का उदाहरण देते हुए कहा, 'आप देख सकते हैं कि टेस्ट क्रिकेट के जो शीर्ष देश हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड। इन देशों का फर्स्ट क्लास स्ट्रग्चर काफी मजबूत है। आप कैसे अपना फर्स्ट क्लास स्ट्रक्चर मजबूत करेंगे? इसके लिए आपको अपने देश में टेस्ट क्रिकेट की जरूरत है।'
बता दें कुछ दिन पहले शास्त्री ने कहा था कि सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर जोर दिया जाना चाहिए। शास्त्री ने कहा, "बात यह है कि यह फुटबॉल मॉडल है। आपके पास ईपीएल, ला लीगा, जर्मन लीग, दक्षिण अमेरिका कोपा अमेरिका है। भविष्य में ऐसा ही होगा, आपके पास एक विश्व कप होगा और फिर बाकी दुनिया भर में होने वाली सभी अलग-अलग लीग होंगी।"
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शास्त्री ने जोर देकर कहा कि टेस्ट क्रिकेट केवल छह पक्षों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि टीमों को प्रारूप खेलने में सक्षम होने के लिए शीर्ष छह का हिस्सा बनने के लिए परीक्षा से गुजरना होगा। शास्त्री के प्रस्ताव के अनुसार, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान, आयरलैंड और श्रीलंका जैसी टीमें टेस्ट खेलने से चूक जाएंगी।