
Ravichandran Ashwin on Sanju Samson and vaibhav sooryavanshi: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन एक बार फिर चर्चा में हैं। 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार जीतने वाले सैमसन का अंतरराष्ट्रीय करियर लगातार उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्हें कई बार टीम में मौका मिला, लेकिन कुछ मैचों के बाद ही प्लेइंग इलेवन से बाहर भी कर दिया गया। अब दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सैमसन के समर्थन में बड़ा बयान दिया है।
रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि लगातार टीम से अंदर-बाहर होने के कारण संजू सैमसन पर मानसिक दबाव जरूर पड़ा होगा। उन्होंने कहा कि विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने के बाद सैमसन ने आयरलैंड में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ एक मैच में नाकाम रहने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
अश्विन ने कहा, 'अगर आप सैमसन हैं, तो क्या आपको ऐसा नहीं लगेगा कि आपने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया। फिर आयरलैंड में भी अच्छा किया, जहां सभी बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे। इसके बाद इंग्लैंड में एक मैच में नाकाम रहने पर आपको बाहर कर दिया गया। वह निश्चित रूप से मानसिक रूप से मुश्किल दौर से गुजर रहे होंगे और सोच रहे होंगे कि कोई उनकी स्थिति को क्यों नहीं समझता।'
टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार तीन पारियों में नाकाम रहने के बाद संजू सैमसन को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला था। हालांकि, संजू सैमसन ने सीरीज के आखिरी मैच में वापसी की, लेकिन इसके बाद उन्हें जिम्बाब्वे दौरे की टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले टी-20 मैच में संजू सैमसन की दोबारा प्लेइंग इलेवन में वापसी हुई, लेकिन वह आठ गेंदों पर सिर्फ 10 रन बना सके।
रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन के प्रदर्शन को लेकर लोगों का रवैया भी उनके लिए मुश्किलें बढ़ाता है। जब वह अच्छा खेलते हैं तो लोग उनके समर्थन का दावा करते हैं, लेकिन नाकाम होने पर उन्हें असंगत खिलाड़ी बताया जाने लगता है।
अश्विन ने कहा, 'जब वह अच्छा खेलते हैं तो लोग कहते हैं कि मैंने तो उस समय ही कहा था कि वह अच्छा करेगा। लेकिन जब वह नाकाम होते हैं तो कहते हैं कि वह कभी अच्छा नहीं खेलते और असंगत हैं। आप कभी नहीं जानते कि लोगों की नाराजगी सैमसन के नाकाम होने को लेकर है या फिर इसलिए कि उनके खेलने की वजह से वैभव सूर्यवंशी बाहर बैठ रहे हैं। आप सोच सकते हैं कि संजू सैमसन होने के नाते यह सब कैसा महसूस होता होगा।' सैमसन ने 2014 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इतने लंबे करियर के बावजूद टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।