रिंकू सिंह के पिता के निधन पर युवराज सिंह, हरभजन सिंह से लेकर वीरेंद्र सहवाग तक टीम इंडिया के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने शोक व्यक्त किया है।
Rinku Singh father's Death: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी रिंकू सिंह के पिता खान चंद सिंह, का शुक्रवार की सुबह निधन हो गया। वह लंबे समय से लीवर कैंसर से जूझ रहे थे। रिंकू सिंह के पिता के निधन पर युवराज सिंह, हरभजन सिंह से लेकर वीरेंद्र सहवाग तक टीम इंडिया के कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने शोक व्यक्त किया है।
युवराज सिंह ने एक्स पर लिखा, "रिंकू के पिता के गुजर जाने की खबर सुनकर दिल टूट गया। ऐसे पलों में, कोई भी शब्द काफी नहीं लगता। इस मुश्किल समय में हम आपके और आपके परिवार के साथ हैं। उम्मीद है कि आपको अपने आस-पास के प्यार में ताकत और हिम्मत मिलेगी।"
हरभजन सिंह ने एक्स पर लिखा, "रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। रिंकू और उनके परिवार के लिए यह बहुत मुश्किल समय होगा, भले ही वह टी20 विश्व कप के दौरान अपनी जिम्मेदारियों के लिए प्रतिबद्ध रहें। मेरी दिल से दुआएं उनके और उनके प्रियजनों के साथ हैं। वाहेगुरु दिवंगत आत्मा को शांति दें और दुखी परिवार को मजबूती और साहस दें।"
चेन्नई सुपर किंग्स ने संवेदना प्रकट करते हुए एक्स पर लिखा, "इस मुश्किल समय में हम रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। हमारी दुआएं उनके साथ हैं।" वीरेंद्र सहवाग ने एक्स पर लिखा, "रिंकू, आपके पिता के गुज़र जाने की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। आपके पिता ने बहुत त्याग करके एक बहुत मज़बूत और शानदार बेटे को पाला, और यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है। मज़बूत रहिए, मेरी दुआएं और ख्याल आपके और आपके पूरे परिवार के साथ हैं। ओम शांति"
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "मैं इस मुश्किल समय में बीसीसीआई की तरफ से रिंकू सिंह और उनके पूरे परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। वह सुबह 5 बजे चेन्नई से दिल्ली के लिए ग्रेटर नोएडा के अस्पताल गए, जहां उनके पिता का इलाज चल रहा था।" जानकारी के मुताबिक रिंकू सिंह के पिता ने शुक्रवार सुबह 4:36 बजे अंतिम सांस ली। उनका इलाज ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में चल रहा था। पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए रिंकू सिंह घर लौट चुके हैं।
रिंकू सिंह टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ गुरुवार को चेन्नई में हुए मैच से पहले रिंकू अपने इलाजरत पिता को देखने के लिए नोएडा आए थे। मैच से पहले वह टीम से जुड़े थे। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था।
रिंकू सिंह के परिवार में पांच भाई हैं, और उनके पिता सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद क्रिकेटर बनने और इस क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा रिंकू सिंह को उनके पिता से ही मिली।