कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि अब उनसे अपेक्षा इतनी बढ़ गई है तो मुंबई के घरेलू मैदान पर आखिरी मैच में भी उन पर काफी दबाव होगा।
इंदौर. भारतीय क्रिकेट टीम के कार्यवाहक कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि वह मैदान पर किसी रिकॉर्ड के लिए नहीं बल्कि रन बनाने के लक्ष्य के साथ उतरे थे और अब उनसे अपेक्षा इतनी बढ़ गई है तो मुंबई के घरेलू मैदान पर आखिरी मैच में भी उन पर काफी दबाव होगा। रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे ट््वंटी 20 मैच में केवल 43 गेंदों पर 118 रन की शतकीय पारी खेली थी। विराट कोहली की अनुपस्थिति में कप्तानी संभाल रहे रोहित इस समय कमाल की फॉर्म में हैं। उन्होंने वनडे सीरी•ा में भारत को 2-1 से न सिर्फ जीत दिलाई थी बल्कि तीसरा दोहरा शतक बनाने वाले भी दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज बन गए। सलामी बल्लेबा•ा ने शुक्रवार को दूसरे ट््वंटी 20 मैच में भी अपनी पारी से भारत को 2-0 की अपराजेय बढ़त दिला दी है।
रिकॉर्ड के लिए नहीं खेलता
मैन ऑफ द मैच बने रोहित ने मैच के बाद कहा कि वह अपने प्रदर्शन से काफी खुश हैं, लेकिन उनसे फिर से दोहरे शतक की उम्मीद करना कुछ ज्यादा ही हो गया है। उन्होंने हंसते हुए कहा, मुझे लगता है कि यह कुछ ज्यादा ही मांग रहे हैं। मैं तो केवल मैदान पर रन बनाने के लिए उतरा था। मैं लेकिन किसी लक्ष्य के बारे में नहीं सोच रहा था। मैं किसी रिकॉर्ड के लिए नहीं खेल रहा था। मैं सभी प्रारूपों में किसी रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोच रहा हूं। रोहित ने कहा, मेरा काम जितना हो सके, रन बनाना है। मैं 100, 200 या 300 रन बनाने के लिए नहीं उतरता। मेरी कोशिश यही रहती है कि टीम को एक अच्छी स्थिति में पहुंचा सकूं। रोहित ने अपनी लय को लेकर कहा, ऐसा समय भी था जब मैं रन नहीं बना पा रहा था, लेकिन ऐसा भी समय होता है कि जब आप अच्छा खेल पाते हैं। इसलिए मैं शतकों के बारे में नहीं सोचता सिर्फ अपना अच्छा खेलने पर मेरा ध्यान रहता है ताकि टीम जीत सके। मैं अपनी क्षमता के बारे में जानता हूं।
कप्तान का काफी दबाव था
रोहित ने वनडे सीरीज के बाद ट््वंटी-20 में भी टीम को अपनी कप्तानी में जीत दिलाने को लेकर कहा, मुझ पर कप्तानी का काफी दबाव है। खासकर धर्मशाला मैच के बाद मैं बहुत दबाव में था, क्योंकि उस मैच में तो हम अपने सबसे कम स्कोर पर आउट होने जैसी स्थिति में पहुंच गए थे। उन्होंने कहा, मैंने अपनी कप्तानी के बारे में काफी सोचा और मैं जानता हूं कि यह काफी मुश्किल है। हम 140 करोड़ की जनता का प्रतिनिधि करते हैं और आप पर उनकी उम्मीदों का दबाव होता है। मैं अपनी टीम की कप्तानी पहली बार कर रहा हूं और मुझपर इसका काफी दबाव है। कप्तान ने कहा, हमें अपना आखिरी मैच मुंबई में खेलना है और घरेलू मैदान पर भी मुझसे अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव रहेगा, इसलिये मैं अभी से दबाव महसूस कर रहा हूं। भारत और श्रीलंका के बीच आखिरी ट््वंटी 20 रविवार को मुंबई में खेला जाएगा। इसी के साथ श्रीलंका का भारत दौरा भी समाप्त हो जाएगा।